Transrail Lighting ने घरेलू ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में **₹574 करोड़** से ज्यादा के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। इसके साथ ही कंपनी का मौजूदा फाइनेंशियल ईयर का कुल ऑर्डर इनटेक **₹1,609 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही **₹694 करोड़** के प्रोजेक्ट्स में कंपनी L1 (सबसे कम बोली लगाने वाली) बनी हुई है।
बड़े ऑर्डर्स का मिला सहारा
कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में ₹574 करोड़ के नए कॉन्ट्रैक्ट्स जोड़े हैं। ये प्रोजेक्ट्स मुख्य रूप से ट्रांसमिशन लाइन के EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन), पोल सप्लाई और री-कंडक्टरिंग के काम से जुड़े हैं। कंपनी सिलवासा स्थित अपनी फैक्ट्री में तैयार किए गए इन-हाउस HTLS कार्बन कोर कंडक्टर्स का इस्तेमाल कर रही है, जो इसे बाजार में एक अलग पहचान दिला रहा है।
कैपेसिटी में भारी इजाफा
बढ़ते ऑर्डर्स को समय पर पूरा करने के लिए कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अपनी टॉवर मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को दोगुना कर 172,400 MTPA कर दिया है, जबकि कंडक्टर प्रोडक्शन क्षमता में 70% की बढ़ोतरी करते हुए इसे 40,800 KMPA तक पहुंचा दिया है।
आगे की राह और रिस्क
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि ₹694 करोड़ के L1 ऑर्डर्स कब तक फाइनल कॉन्ट्रैक्ट में बदलते हैं। कंपनी का पूरा जोर अब एग्जीक्यूशन पर है ताकि मार्जिन स्थिर बना रहे। अगले क्वार्टर के नतीजों में बढ़ी हुई क्षमता का असर कंपनी की टॉपलाइन और प्रॉफिटेबिलिटी पर साफ नजर आ सकता है, जिस पर बाजार की पैनी नजर बनी रहेगी।
