Transrail Lighting को ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में **₹412 करोड़** के नए प्रोजेक्ट्स मिले हैं। कंपनी का इस साल का कुल ऑर्डर बुक **₹2,021 करोड़** तक पहुंच गया है, साथ ही **₹409 करोड़** के प्रोजेक्ट्स में कंपनी सबसे निचली बोली लगाने वाली (L1) कंपनी बनी हुई है।
नई टेक्नोलॉजी का जलवा
कंपनी ने इन प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी इन-हाउस निर्मित High-Temperature Low-Sag (HTLS) कंडक्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। यह टेक्नोलॉजी बिजली लाइनों की क्षमता बढ़ाने में काफी कारगर साबित होती है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता में सुधार आता है।
ऑर्डर्स की मजबूती
इस नई उपलब्धि के साथ ही कंपनी का इस फाइनेंशियल ईयर का कुल ऑर्डर इनटेक ₹2,021 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, कंपनी के पास ₹409 करोड़ के ऐसे प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, जिनमें वह L1 (सबसे निचली बोली लगाने वाली) है। यह आने वाले समय में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है।
मैनेजमेंट का विजन
कंपनी के MD और CEO, रणदीप नारंग का कहना है कि ये नए ऑर्डर उनके इंटीग्रेटेड मॉडल की मजबूती को दर्शाते हैं। मैनेजमेंट को सरकार के 'Green Energy Corridor Phase-III' प्रोजेक्ट से खासी उम्मीदें हैं, जिसका लक्ष्य 900 GW की अक्षय ऊर्जा का संचार करना है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भी काफी मजबूत है, जिसमें 184,400 MTPA की टावर निर्माण क्षमता और 40,800 KMPA की कंडक्टर उत्पादन क्षमता शामिल है।
आगे के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अपनी पाइपलाइन में मौजूद ₹409 करोड़ के ऑर्डर्स को कितनी जल्दी फाइनल कॉन्ट्रैक्ट्स में बदल पाती है। साथ ही, ₹2,021 करोड़ के मौजूदा ऑर्डर बुक को समय पर पूरा करना भी कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा।
