Transrail Lighting ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए **₹211.82 करोड़** का शानदार कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने मैनेजमेंट में बड़े बदलावों के साथ **₹600 करोड़** जुटाने की QIP योजना पर भी मुहर लगाई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के नतीजों की बात करें, तो ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹3,171.31 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹3,732.67 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, पिछले साल के ₹197.60 करोड़ के मुकाबले कंपनी का प्रॉफिट बढ़कर ₹211.82 करोड़ पर आ गया है। इसके अलावा, स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने ₹215.25 करोड़ का मुनाफा कमाया है।
फंडरेजिंग और डिविडेंड
कंपनी अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए ₹600 करोड़ तक की राशि QIP (Qualified Institutions Placement) के जरिए जुटाने की तैयारी में है। साथ ही, निवेशकों को वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹3 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी दिया जाएगा।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
कंपनी ने अपनी लीडरशिप टीम में फेरबदल करते हुए हर्ष नारंग (VP - सिविल बिजनेस), प्रशांत थोराट (SVP - पोल्स एंड लाइटिंग) और उमेश नेरकर (SVP - सप्लाई चेन मैनेजमेंट) की नियुक्ति की है। वहीं, अनंत कदिवाल 20 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं और अशोक रावत ने अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे दिया है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
मार्च 2026 में हुई इनकम टैक्स सर्च के बाद टैक्स असेसमेंट की कार्यवाही अभी चल रही है। कंपनी ने ₹14.30 करोड़ का टैक्स इम्पैक्ट पहले ही रिकॉर्ड कर लिया है, लेकिन निवेशकों को आगे चलकर इस ब्लॉक असेसमेंट के फाइनल नतीजे पर नजर रखनी चाहिए।
