Transrail Lighting ने FY 2025-26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **29.6%** बढ़कर **₹6,880 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹403 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने **₹2** प्रति शेयर डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Transrail Lighting Limited ने अपना 19वां एनुअल रिपोर्ट पेश किया है। कंपनी ने ऑपरेशनल रेवेन्यू में शानदार प्रदर्शन करते हुए इसे पिछले साल के ₹5,307.75 करोड़ से बढ़ाकर ₹6,880.11 करोड़ तक पहुंचा दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹403.59 करोड़ हो गया है, जिसके बाद बोर्ड ने निवेशकों को ₹2 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
कैपेसिटी और ऑर्डर बुक का दम
कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को दोगुना करते हुए इसे 1,72,400 MTPA तक पहुंचा दिया है। नागपुर के बुटीबोरी में नया कारखाना शुरू करना कंपनी के विस्तार की कहानी बयां करता है। इसके अलावा, ₹16,361 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले समय में कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी को सुरक्षित करती है। साथ ही, नेट वर्किंग कैपिटल में 10 दिन का सुधार होकर यह 81 दिन पर आ गया है, जो कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
रेगुलेटरी और गवर्नेंस से जुड़ी बातें
अच्छी खबरों के बीच कंपनी को BSE और NSE से चेतावनी पत्र भी मिले हैं। यह मामला मई 2025 में पूर्व CHRO के इस्तीफे की जानकारी देरी से देने से जुड़ा है। कंपनी का तर्क है कि यह फैसला संबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा के लिए लिया गया था। इसके साथ ही, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण UAE इन्वेस्टमेंट प्रभावित हुआ है, जिसके चलते ₹81.119 करोड़ के IPO फंड के इस्तेमाल को FY 2026-27 तक टाल दिया गया है।
लीडरशिप में बदलाव
बोर्ड ने कई बड़े फैसले लिए हैं, जिसमें दिगंबर चुन्नीलाल बागड़े को 1 साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में फिर से नियुक्त करना शामिल है। रंजना मैत्रा 3 साल के कार्यकाल के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुई हैं, जबकि डॉ. इंदु शेखर झा और डी. सूर्यनारायण को बोर्ड में फिर से नियुक्त किया गया है।
