Transformers and Rectifiers (India) Ltd अपने **₹5,000 करोड़** के QIP फंड को फिर से व्यवस्थित करने के लिए पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू कर रही है। कंपनी अब अपना Capex बजट **₹166.32 मिलियन** बढ़ाकर **₹1,616.32 मिलियन** करेगी और बाकी बचे **₹1,452.51 मिलियन** फंड के इस्तेमाल की समय सीमा **31 मार्च, 2027** तक बढ़ा दी है।
फंड के इस्तेमाल में बड़ा बदलाव
Transformers and Rectifiers ने अपने जून 2024 के QIP से जुटाए गए ₹5,000 मिलियन के फंड के लिए नई योजना पेश की है। बोर्ड ने 27 अगस्त, 2026 को इस पुनर्गठन को मंजूरी दी है। 30 जून, 2026 तक कंपनी ₹3,547.49 मिलियन खर्च कर चुकी थी, जबकि ₹1,452.51 मिलियन की राशि अभी बची हुई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह कदम 'इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च' की मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें जनरल कॉर्पोरेट पर्पस (GCP) खर्च में ₹180.89 मिलियन के विचलन (Deviation) की बात सामने आई थी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह पैसा बैकवर्ड इंटीग्रेशन और Capex के लिए इस्तेमाल किया गया था। अब प्रबंधन इनऑर्गेनिक ग्रोथ की जगह आंतरिक क्षमता बढ़ाने और फैब्रिकेटेड टैंक्स के नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
आगे क्या होगा?
शेयरधारकों के लिए वोटिंग प्रक्रिया 30 अगस्त, 2026 से शुरू होकर 28 सितंबर, 2026 तक चलेगी, जिसके नतीजे 30 सितंबर, 2026 को घोषित होंगे। निवेशकों को अब इस नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा होने पर नज़र रखनी होगी।
