Tivoli Construction Ltd ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सबसिडियरी Victoria Investments Company Limited (VICL) में अपनी **100%** हिस्सेदारी को **₹2.38 करोड़** में बेचने का ऐलान किया है। कंपनी ने साथ ही नए स्टैच्युटरी ऑडिटर की नियुक्ति की पुष्टि की है।
एसेट मोनेटाइजेशन की तैयारी
Tivoli Construction ने इस विनिवेश (divestment) के लिए बोर्ड से मंजूरी ले ली है। इस डील के तहत VICL के शेयर केतन कीर्तिकुमार शाह को बेचे जाएंगे। कंपनी के लिए यह एक बड़ा कदम है, क्योंकि वह अपने कोर ऑपरेशंस पर फिर से ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही है।
वित्तीय दबाव और गवर्नेंस चुनौतियां
कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर डालें, तो हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर ₹5.98 लाख हो गया है, जो पिछले साल ₹4.37 लाख था।
इसके अलावा, कंपनी के सामने गवर्नेंस संबंधी दिक्कतें भी हैं। लंबे समय से CFO (Chief Financial Officer) का पद खाली होने के कारण कंपनी SEBI (LODR) रेगुलेशंस के तहत जरूरी सर्टिफिकेट जमा नहीं कर पा रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी के छोटे साइज और लगातार घाटे के कारण सही कैंडिडेट मिलना मुश्किल हो रहा है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब इस बिक्री के पूरा होने का इंतजार है, जिससे कंपनी को कुछ लिक्विडिटी मिल सकती है। साथ ही, कंपनी ने M/s M. R. Sharma & Co. को अपना नया स्टैच्युटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। कंपनी की 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को तय की गई है, जिस पर सबकी नजरें होंगी।
