Tipco Engineering ने अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स में दम दिखाया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 65.9% बढ़कर **₹25.31 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि बढ़ते डेटर डेज और गवर्नेंस से जुड़े कुछ मामले निवेशकों के लिए ट्रैक करने जरूरी हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Tipco Engineering India ने लिस्टिंग के बाद अपने पहले पूरे फाइनेंशियल ईयर में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट FY25 के ₹15.26 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹25.31 करोड़ हो गया है। वहीं, कंपनी की कुल इनकम पिछले साल के ₹133.35 करोड़ से बढ़कर ₹146.07 करोड़ रही। कंपनी का EBITDA भी 62.5% की बढ़त के साथ ₹38.90 करोड़ पर पहुंच गया है, और मार्जिन 872 bps बढ़कर 26.63% हो गया है।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और नए सेक्टर में एंट्री
कंपनी अपने कामकाज को बढ़ाने के लिए पुणे और सोनीपत में ₹60 करोड़ का निवेश कर रही है। बिजनेस डायवर्सिफिकेशन के तहत कंपनी ने जर्मनी की LexaMix के साथ कोलैबोरेशन किया है, जिससे अब वे कॉस्मेटिक्स और एडहेसिव्स मार्केट में कदम रख रहे हैं। इसके अलावा, डिफेंस सेक्टर में भी कंपनी ने एंट्री ले ली है, जहां उन्हें DRDO/HEMRL से रॉकेट फ्यूल से जुड़े उपकरणों का पहला पायलट ऑर्डर मिला है।
आउटलुक और रिस्क
मैनेजमेंट ने FY27 के लिए ₹180 करोड़ से ज्यादा के रेवेन्यू का टारगेट रखा है, जबकि लंबी अवधि में कंपनी ₹1,000 करोड़ के आंकड़े को छूना चाहती है। वर्तमान में कंपनी के पास ₹76.41 करोड़ का ऑर्डर बुक है। हालांकि, बड़े क्लाइंट्स के कारण कंपनी के डेटर डेज (Debtor Days) बढ़े हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
गवर्नेंस पर अपडेट
कंपनी ने अपने स्टैचुटरी ऑडिटर्स बदल दिए हैं और अब Mittal Vaish & Co. ऑडिट का जिम्मा संभाल रहे हैं। साथ ही, कंपनी 'कंपनीज एक्ट, 2013' के सेक्शन 186 के तहत लोन के नियमों को रेगुलराइज करने और चार्ज फाइलिंग की प्रक्रिया पर काम कर रही है।
