Time Technoplast Limited ने अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी TPL Plastech Limited के विलय को मंजूरी दी है, जबकि Ebullient Packaging के अधिग्रहण को रद्द कर दिया गया है।
बिजनेस में बड़ा फेरबदल
Time Technoplast Limited (TTL) ने अपनी रणनीतिक दिशा बदलते हुए एक साथ तीन बड़े फैसले लिए हैं। कंपनी अपनी 74.86% हिस्सेदारी वाली सब्सिडियरी TPL Plastech Limited का विलय (merger) करेगी, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इसके अलावा, कंपनी ने Ebullient Packaging Private Limited को खरीदने की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। साथ ही, कच्चे माल की खरीद (raw material procurement) को और सुगम बनाने के लिए Time Intercontinental Limited में ₹50 करोड़ का निवेश करने की मंजूरी दी गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
मैनेजमेंट के अनुसार, TPL Plastech के साथ विलय का मुख्य उद्देश्य कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को सरल बनाना और संबंधित कंपनियों (related-party) के बीच जटिलता को कम करना है। वहीं, Ebullient Packaging की डील को रद्द करने के पीछे का कारण ग्लोबल जियोपॉलिटिकल अस्थिरता (खासकर वेस्ट एशिया में तनाव) बताया गया है, जिससे डिमांड के अनुमानों में बदलाव आया है। कंपनी का कहना है कि इस डील के रद्द होने से कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत
हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो 31 मार्च 2026 तक TTL का टर्नओवर ₹6,114.40 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹468.72 करोड़ रहा है। वहीं TPL Plastech का टर्नओवर ₹422.66 करोड़ और मुनाफा ₹29.07 करोड़ दर्ज किया गया था।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब मर्चेंट बैंकर्स और रजिस्टर्ड वैल्युअर्स की नियुक्ति पर होनी चाहिए, जो तय करेंगे कि विलय के दौरान शेयर स्वैप रेशियो क्या होगा।
