Tijaria Polypipes ने सितंबर तिमाही के लिए जीरो रेवेन्यू रिपोर्ट किया है। कंपनी को **₹30.97 लाख** का नेट लॉस हुआ है और ऑडिटर्स ने सबूतों की कमी के चलते 'डिस्क्लेमर ऑफ कंक्लूजन' जारी किया है।
कारोबार पूरी तरह ठप
सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹0.00 रहा है। कंपनी ने बताया कि प्लांट और मशीनरी को एक संबंधित पक्ष, M/s Vasa Industries को किराए पर दे दिया गया है, जिससे उत्पादन पूरी तरह से रुका हुआ है। छमाही आधार पर कंपनी को कुल ₹67.08 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है।
ऑडिटर्स ने दी चेतावनी (Auditor Disclaimer)
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स, Pramod & Associates ने वित्तीय नतीजों को सत्यापित करने के लिए पर्याप्त सबूत न मिलने पर 'डिस्क्लेमर ऑफ कंक्लूजन' जारी किया है। मुख्य चिंताएं इस प्रकार हैं:
- Bank of India ने कंपनी के लोन को नवंबर 2020 से ही एनपीए (NPA) घोषित कर रखा है।
- कुल आउटस्टैंडिंग लोन ₹7,116.27 लाख और बैंक गारंटी ₹57 लाख तक पहुंच गई है।
- ऑडिटर्स ₹2,555.20 लाख की वसूली (receivables) की पुष्टि नहीं कर पाए हैं।
- जुलाई 2022 से कंपनी ने एनपीए लोन पर ब्याज लगाना भी बंद कर दिया है।
NCLT का साया और कानूनी संकट
कंपनी फिलहाल जयपुर की NCLT में चल रही कानूनी कार्यवाही के घेरे में है। टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लंबे समय से बंद है और मैनेजमेंट ने कामकाज फिर से शुरू करने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं दी है। कंपनी की नेटवर्थ निगेटिव ₹3,446.04 लाख हो चुकी है, जबकि कुल उधारी ₹7,213.82 लाख के ऊंचे स्तर पर है। निवेशकों के लिए यह स्थिति काफी जोखिम भरी नजर आ रही है, क्योंकि लिक्विडेशन का खतरा अब साफ दिखाई दे रहा है।
