Thermax ने पहली तिमाही में 7% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन प्रोजेक्ट लागत में ₹91 करोड़ के ओवररन के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट 85% गिरकर ₹22 करोड़ पर आ गया है। कंपनी ने रीस्ट्रक्चरिंग और AI सब्सिडियरी के अधिग्रहण की भी घोषणा की है।
Thermax के प्रोजेक्ट में लगा भारी झटका, पहली तिमाही में मुनाफा 85% गिरा
Thermax Limited ने जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने नतीजों की घोषणा कर दी है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 85% की भारी गिरावट के साथ ₹22 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹151 करोड़ था। इस गिरावट का मुख्य कारण इंडस्ट्रियल इंफ्रा सेगमेंट में ₹91 करोड़ का प्रोजेक्ट कॉस्ट ओवररन रहा।
हालांकि, रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी ने अच्छी खबर दी है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,158 करोड़ की तुलना में 7% बढ़कर ₹2,303 करोड़ हो गया है।
निवेशकों के लिए खास बातें:
यह नतीजे बताते हैं कि Thermax टॉप लाइन बढ़ाने और नए ऑर्डर हासिल करने में सक्षम है। कंपनी की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुकिंग ₹2,809 करोड़ रही और ऑर्डर का कुल बैकलॉग ₹14,045 करोड़ तक पहुंच गया है। लेकिन, मुनाफे में आई भारी कमी प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और कॉस्ट मैनेजमेंट में आने वाले जोखिमों को भी उजागर करती है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा ₹1,385.47 करोड़ के एक्साइज डिस्प्यूट का समाधान कंपनी के लिए एक बड़ी राहत है। इसके अलावा, ExactSpace Technologies में 51% हिस्सेदारी का अधिग्रहण AI-संचालित औद्योगिक समाधानों की ओर एक रणनीतिक कदम दर्शाता है।
कंपनी की रीस्ट्रक्चरिंग और AI में एंट्री
Thermax अपने ग्रुप स्ट्रक्चर को मजबूत करने पर काम कर रही है। कंपनी ने Bio-CNG EPC बिजनेस को डीमर्ज करने और कूलिंग सॉल्यूशंस सब्सिडियरी को पेरेंट कंपनी में मर्ज करने के लिए एक स्कीम ऑफ अरेंजमेंट और एमाल्गमेशन को मंजूरी दी है। इसका मकसद कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाना और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों को कम करना है। ExactSpace Technologies में हिस्सेदारी बढ़ाकर कंपनी ने डिजिटल और AI क्षमताओं में अपनी दिलचस्पी भी दिखाई है।
भविष्य की राह और जोखिम:
इस रीस्ट्रक्चरिंग से कंपनी को मध्यम से लंबी अवधि में बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कम ओवरहेड्स की उम्मीद है। ExactSpace Technologies के अधिग्रहण से AI क्षमताओं को एकीकृत किया जाएगा, जो इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में कंपनी के प्रस्तावों को मजबूत कर सकता है। एक्साइज लिटिगेशन का समाधान एक महत्वपूर्ण वित्तीय चिंता को दूर करता है।
निवेशकों को इंडस्ट्रियल इंफ्रा सेगमेंट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए ताकि किसी भी प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन चुनौती या ₹91 करोड़ से अधिक लागत बढ़ने की स्थिति से निपटा जा सके। अगर इसी तरह की प्रोजेक्ट-विशिष्ट समस्याएं आती हैं या हाई-मार्जिन प्रोजेक्ट में देरी होती है, तो प्रॉफिटेबिलिटी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। पिछले साल के वन-ऑफ इनकम की अनुपस्थिति भी साल-दर-साल मुनाफे की तुलना को प्रभावित करती है।
महत्वपूर्ण आंकड़े:
- Q1 FY27 के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹2,302.73 करोड़ (7% YoY बढ़ा)।
- Q1 FY27 के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹21.79 करोड़ (85% YoY गिरा)।
- इंडस्ट्रियल इंफ्रा प्रोजेक्ट कॉस्ट ओवररन: ₹91 करोड़।
- ExactSpace Technologies में अतिरिक्त हिस्सेदारी का अधिग्रहण: ₹30.48 करोड़ में 35.83% हिस्सेदारी।
- एक्साइज डिमांड पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ₹1,385.47 करोड़ पर अनुकूल फैसला।
