The Ramco Cements ने आंध्र प्रदेश के अपने जयंतीपुरम प्लांट में 'डी-बॉटलनेकिंग' (de-bottlenecking) का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इससे कंपनी की कुल क्लिंकर क्षमता **16.95 MTPA** और सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता **27.17 MTPA** तक पहुंच गई है, जो वॉल्यूम ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाएगी।
क्षमता में हुआ बड़ा इजाफा
कंपनी ने बिना किसी नए ग्रीनफील्ड निर्माण के अपनी मौजूदा तकनीक में सुधार करके उत्पादन क्षमता को बढ़ा दिया है। इस तकनीकी अपग्रेड के जरिए जयंतीपुरम यूनिट की क्लिंकर क्षमता 4.61 MTPA से बढ़कर 5.62 MTPA हो गई है। वहीं, सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है, जो 3.65 MTPA से बढ़कर 4.38 MTPA पर पहुंच गई है।
ऑपरेशनल अपडेट
फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो जयंतीपुरम प्लांट में क्लिंकर के लिए 84% और सीमेंट के लिए 57% यूटिलाइजेशन दर्ज किया गया था। इस नई क्षमता के साथ, कंपनी के पास अब मांग के अनुसार उत्पादन बढ़ाने का बेहतर बफर मौजूद है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह कदम कंपनी के लिए वॉल्यूम ग्रोथ के नजरिए से काफी अहम है। हालांकि, निवेशकों को अब यह देखना होगा कि यह बढ़ी हुई क्षमता कंपनी की बिक्री में कितनी तब्दील होती है। मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बाजार में मांग की स्थिति और सीमेंट की कीमतों में उतार-चढ़ाव भविष्य में कंपनी के मार्जिन और मुनाफा तय करेंगे।
आने वाली तिमाही के नतीजों पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होगा कि इस विस्तार का असर कंपनी के ओवरहेड एब्जॉर्प्शन और प्रॉफिटेबिलिटी पर कितना सकारात्मक पड़ा है।
