Thacker & Company Ltd ने बोर्ड में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। राजू अधिया ने CFO पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन मैनेजर के तौर पर वापसी कर सकते हैं। अमित कुमार को नया CFO बनाया गया है, जबकि ऑडिटर बदलने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
कंपनी में क्या हुआ?
Thacker & Company Ltd ने स्टॉक एक्सचेंज को कंपनी के मैनेजमेंट और ऑडिटर में बड़े बदलावों की जानकारी दी है। राजू आर. अधिया ने निजी कारणों से 13 अगस्त 2026 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद से इस्तीफा दे दिया है। बोर्ड ने 14 अगस्त 2026 से अमित कुमार को नया CFO नियुक्त किया है, जो 2009 से इस ग्रुप से जुड़े हुए हैं। कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर, M/s. P R Agarwal & Awasthi ने भी 7 अगस्त 2026 से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह M/s. V K Beswal & Associates को नया स्टेटुटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, बोर्ड ने राजू आर. अधिया को 5 साल के लिए मैनेजर के तौर पर फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दी है। साथ ही, कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AOA) में बाय-बैक (Buy-back) को सक्षम बनाने वाले प्रावधान को शामिल करने के लिए बदलाव को भी मंजूरी दी गई है।
क्यों है यह अहम?
ये बदलाव कंपनी की वित्तीय निगरानी और नेतृत्व पर सीधा असर डालते हैं। CFO का बदलना और ऑडिटर में फेरबदल शेयरधारकों के लिए ध्यान देने वाली बात है। राजू अधिया का मैनेजर के तौर पर संभावित पुन: नियुक्ती और बाय-बैक का नया प्रावधान, ये वो अहम फैसले हैं जिन पर शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
पृष्ठभूमि
अमित कुमार को कॉर्पोरेट अकाउंट्स और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग का अनुभव है, वे 2009 से कंपनी समूह से जुड़े हुए हैं। पिछले ऑडिटर, M/s. P R Agarwal & Awasthi ने अपने इस्तीफे के समय कोई विशेष चिंता नहीं जताई थी। राजू आर. अधिया का कंपनी से पुराना नाता रहा है, उन्होंने फाइनेंस और अब संभवतः मैनेजमेंट में भूमिका निभाई है।
अब क्या बदलेगा?
शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद, अमित कुमार आधिकारिक तौर पर CFO और की मैनेजेरियल पर्सनेल (Key Managerial Personnel) के तौर पर काम करेंगे। M/s. V K Beswal & Associates नए स्टेटुटरी ऑडिटर का पद संभालेंगे। राजू आर. अधिया की मैनेजर के तौर पर पुन: नियुक्ति और बाय-बैक को सक्षम बनाने वाले प्रावधान को भी पोस्टल बैलट (Postal Ballot) के नतीजों के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा।
जोखिम
मैनेजर की पुन: नियुक्ति, नए ऑडिटर की नियुक्ति और बाय-बैक के प्रावधान को अपनाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बहुत ज़रूरी है। किसी भी असहमति से इन योजनाओं में देरी हो सकती है या बदलाव हो सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को आने वाले पोस्टल बैलट के नतीजों पर करीब से नज़र रखनी चाहिए ताकि नियुक्तियों और बाय-बैक प्रावधान की मंजूरी की पुष्टि हो सके।
