Tega Industries ने Q2 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। Molycop Group के अधिग्रहण से जुड़ी लागत और कर्ज के बोझ के कारण कंपनी को **₹47.47 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि कंपनी का कुल रेवेन्यू **₹4,254.04 करोड़** तक पहुंच गया है।
मुनाफे से नुकसान का सफर
Tega Industries ने 1 जून, 2026 को Molycop Group का अधिग्रहण पूरा किया था, जिसके बाद कंपनी ने पहली बार इस डील के असर को अपने नतीजों में शामिल किया है। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ₹44.94 करोड़ के मुनाफे में थी, जो अब ₹47.47 करोड़ के नेट लॉस में बदल गया है। स्टैंडअलोन ऑपरेशंस में भी ₹2.26 करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया है।
क्यों दबाव में है कंपनी का बॉटम लाइन?
अधिग्रहण के बाद कंपनी का आकार काफी बड़ा हो गया है। सितंबर 2026 तक कुल एसेट्स ₹22,706.58 करोड़ पर पहुंच गए, जो मार्च 2026 में ₹4,314.50 करोड़ थे। मुनाफे पर असर डालने वाली मुख्य वजहें ये हैं:
- वन-टाइम खर्च: ट्रांजेक्शन से जुड़े खर्चों के रूप में ₹257.55 करोड़ का भारी-भरकम बोझ पड़ा है।
- डेरिवेटिव लायबिलिटी: Apollo Funds के एक्सचेंज ऑप्शन से जुड़ी ₹710.14 करोड़ की देनदारी को भी बैलेंस शीट में रिकॉग्नाइज किया गया है।
आगे क्या है रिस्क और चुनौतियां?
निवेशकों को अब कंपनी के बढ़ते कर्ज (Leverage) पर पैनी नजर रखनी होगी। साथ ही, गुडविल और इनटेंजिबल एसेट्स का वैल्यूएशन अभी प्रोविजनल है। भविष्य में इसमें कोई भी बदलाव कंपनी की बैलेंस शीट को प्रभावित कर सकता है। कंपनी के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती Molycop के ग्लोबल ऑपरेशंस को पूरी तरह से स्ट्रीमलाइन करना है ताकि कैश फ्लो बेहतर हो सके और कर्ज चुकाने में आसानी हो।
