Tega Industries ने Q1 FY27 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (consolidated revenue) Molycop के अधिग्रहण के बाद **₹17.2 अरब** तक पहुंच गया है। इसके साथ ही, कंपनी के पुराने बिजनेस में भी शानदार ग्रोथ देखने को मिली है, हालांकि, इस तिमाही में **₹1.9 अरब** का वन-टाइम खर्च भी शामिल है।
Molycop के एकीकरण से Tega Industries को बड़ी मजबूती
Tega Industries ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में अपने संचालन से ₹17.2 अरब का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से हाल ही में अधिग्रहित Molycop व्यवसाय के एकीकरण के कारण संभव हुई है।
क्या है खास?
- पुराना बिजनेस चमका: Tega का अपना पुराना बिजनेस भी पीछे नहीं रहा। इसकी रेवेन्यू में साल-दर-साल 21% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹4.3 अरब तक पहुंच गई। वहीं, EBITDA में 42% की उछाल के साथ यह ₹1.0 अरब रहा। पुराने बिजनेस का EBITDA मार्जिन 300 बेसिस पॉइंट सुधरकर 22.1% हो गया।
- Molycop का योगदान: जून 2026 से एकीकृत Molycop ने ₹12.9 अरब का रेवेन्यू और ₹1.6 अरब का एडजस्टेड EBITDA जोड़ा। वन-टाइम खर्चों से पहले इसका EBITDA मार्जिन लगभग 13% रहा।
- वन-टाइम खर्च: इस तिमाही में कंपनी पर ₹1.9 अरब का अधिग्रहण और एकीकरण से जुड़ा वन-टाइम खर्च भी हुआ है।
आगे क्या?
कंपनी का मैनेजमेंट अगले 2 से 2.5 सालों में लागत में कटौती और बड़े पैमाने के फायदों के जरिए 20 मिलियन डॉलर के सिनर्जी (synergies) का लक्ष्य लेकर चल रहा है। Tega ने अपने कंस्यूमेबल्स बिजनेस के लिए 15% CAGR का लॉन्ग-टर्म गाइडेंस बनाए रखा है और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 15% के कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन की उम्मीद जताई है।
किन बातों पर रहेगी नजर?
- एकीकरण की चुनौतियां: Molycop का एकीकरण अभी शुरुआती दौर में है। कंपनी क्रॉस-सेलिंग के मौके तलाश रही है और सिनर्जी प्लान को अंतिम रूप दे रही है।
- वन-टाइम खर्च का असर: ₹1.9 अरब के वन-टाइम खर्चों का परिचालन दक्षता पर पड़ने वाले प्रभाव को संभालना महत्वपूर्ण होगा।
- चिली प्लांट: चिली प्लांट का चालू होना, जो जनवरी 2027 के आसपास अपेक्षित है, नियामक मंजूरी पर निर्भर करेगा।
महत्वपूर्ण आंकड़े
- ऑर्डर बुक: ₹12.3 अरब (जिसमें से ₹9.6 अरब एक साल के भीतर निष्पादित किए जा सकते हैं)।
- कंसोलिडेटेड कर्ज: ₹112 अरब (इसमें ₹26 अरब प्रेफरेंस शेयर शामिल हैं)।
- Molycop नेट कर्ज: 672 मिलियन डॉलर (30 जून 2026 तक)।
- प्रोविजनल गुडविल: ₹50 अरब।
