पब्लिक लिस्टिंग के बाद Technocraft Ventures की पहली एनुअल रिपोर्ट सामने आई है। कंपनी के मुनाफे में **54%** की बड़ी उछाल देखी गई है, जो **₹43.32 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, रेवेन्यू में **23%** की बढ़त के साथ ही, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में GST संबंधी टैक्स विवाद निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
पब्लिक कंपनी के तौर पर अपनी पहली एनुअल रिपोर्ट पेश करते हुए Technocraft Ventures ने मजबूत वित्तीय स्थिति दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹28.20 करोड़ से बढ़कर ₹43.32 करोड़ हो गया है। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू 23.4% बढ़कर ₹344.99 करोड़ दर्ज किया गया है।
IPO और निवेशकों के लिए संकेत
अगस्त 2026 में आए अपने IPO के जरिए कंपनी ने ₹212 प्रति शेयर के भाव पर 1,18,81,000 शेयर जारी किए थे। जल, सड़क और बिजली वितरण जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली इस EPC कंपनी के लिए यह साल मैनेजमेंट की क्षमता को साबित करने वाला रहा है।
कानूनी चुनौतियां और रिस्क
निवेशकों को कंपनी के सामने चल रहे GST टैक्स लिटिगेशन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में U.P. Jal Nigam के कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर टैक्स डिमांड्स के मामले पेंडिंग हैं, जिन्हें मैनेजमेंट ने 'गलत' बताते हुए अपील की है। हालांकि, पहले देखी गई फाइलिंग की प्रक्रियात्मक देरी को अब नियमित कर दिया गया है।
आगे की राह
कंपनी की 28वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को होनी है। आने वाले समय में बाजार की नजरें इस बात पर होंगी कि कंपनी अपने IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल क्षमता विस्तार में कैसे करती है और बड़े प्रोजेक्ट्स में वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के बीच मार्जिन को कैसे बनाए रखती है।
