टाटा स्टील की दमदार कमाई, पर यूरोप में चुनौतियां?
टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,32,139.94 करोड़ रहा, जो कि इसके निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1,39,720.22 करोड़ दर्ज किया गया।
ESG पर फोकस और नेट ज़ीरो का लक्ष्य
कंपनी ने इस साल पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) के लक्ष्यों पर खास जोर दिया है। टाटा स्टील ने साल 2045 तक नेट ज़ीरो एमिशन हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कंपनी अपनी ऑपरेशन्स को री-इंजीनियर कर रही है और डिजिटल व AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ा रही है।
यूरोप में बढ़ता संकट
जहां एक ओर कंपनी कमाई में बढ़ोतरी कर रही है, वहीं नीदरलैंड्स स्थित उसकी सब्सिडियरी, टाटा स्टील नीदरलैंड (TSN) बड़ी मुश्किलों में फंस सकती है। यहां की लोकल अथॉरिटीज कंपनी पर एमिशन लिमिट तोड़ने का आरोप लगा रही हैं। TSN पर 20 मिलियन यूरो से ज़्यादा का जुर्माना भी लगाया गया है।
परमिट रद्द होने का खतरा
मामला यहीं नहीं रुकता। ऐसी खबरें हैं कि अथॉरिटीज IJmuiden प्लांट में कुछ यूनिट्स के ऑपरेटिंग परमिट भी रद्द कर सकती हैं। अगर ऐसा हुआ, तो कंपनी को वहां अपने कुछ प्लांट्स को बंद करने पर भी विचार करना पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि टाटा स्टील इन रेगुलेटरी चुनौतियों से कैसे निपटती है। खासकर नीदरलैंड्स के IJmuiden प्लांट में परमिट की स्थिति और कंपनी के नेट ज़ीरो लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में होने वाली प्रगति पर सबकी पैनी नजर रहेगी।
