टाटा स्टील के बोर्ड ने नीलचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) में **₹33,873 करोड़** के बड़े एक्सपेंशन प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी ने TM International Logistics Limited (TMILL) में अपनी हिस्सेदारी **74%** तक बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके लिए **₹335 करोड़** का निवेश किया जाएगा। हालांकि, जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट **₹2,385.24 करोड़** रहा, जो पिछले साल की तुलना में कम है।
टाटा स्टील का बड़ा एक्सपेंशन प्लान
टाटा स्टील लिमिटेड के बोर्ड ने एक बड़े फैसले में नीलचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) में 4.8 MTPA स्टीलमेकिंग क्षमता बढ़ाने के लिए ₹33,873 करोड़ के भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को हरी झंडी दे दी है। यह कदम कंपनी के लॉन्ग प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा, खासकर रिटेल सेक्टर की मांग को पूरा करने के लिए।
इसके अलावा, कंपनी ने TM International Logistics Limited (TMILL) में अपनी हिस्सेदारी 74% तक बढ़ाने के लिए ₹335 करोड़ के निवेश का भी ऐलान किया है। इससे लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस पर कंपनी का कंट्रोल और मजबूत होगा।
कंपनी का तिमाही प्रदर्शन (Q1 FY27)
वित्तीय मोर्चे पर, 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) में टाटा स्टील का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹36,896.55 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹4,535.59 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹60,794.29 करोड़ रहा और कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹2,385.24 करोड़ रहा।
कंपनी ने बताया कि एसेट री-असेसमेंट के कारण इस तिमाही में ₹294.49 करोड़ का अतिरिक्त डेप्रिसिएशन चार्ज लगा है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए यह अनुमानित ₹1,178 करोड़ तक जा सकता है।
इनवेस्टर्स के लिए क्या मायने?
NINL में इतना बड़ा निवेश टाटा स्टील के भविष्य के विकास को लेकर आत्मविश्वास दिखाता है। लेकिन, टाटा स्टील नीदरलैंड (TSN) से जुड़े रेगुलेटरी मुद्दे कंपनी के लिए एक बड़ा जोखिम बने हुए हैं। यूरोप में खासकर एमिशन (उत्सर्जन) नियमों को लेकर कंपनी पर लगातार दबाव है, जिससे उसकी वित्तीय स्थिरता और संचालन पर अनिश्चितता बनी हुई है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें अब NINL एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की प्रगति पर रहेंगी। साथ ही, टाटा स्टील नीदरलैंड (TSN) से जुड़े रेगुलेटरी मामलों के समाधान पर भी पैनी नजर रखी जाएगी।
