टाटा स्टील (Tata Steel) ने TM International Logistics Limited (TMILL) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 74% कर ली है। कंपनी ने ₹335 करोड़ में 23% अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं, जिसके बाद TMILL अब टाटा स्टील की सब्सिडियरी (Subsidiary) बन गई है।
टाटा स्टील ने लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस को किया मजबूत
टाटा स्टील ने TMILL में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 74% कर ली है। कंपनी ने 23% की अतिरिक्त हिस्सेदारी ₹335 करोड़ में खरीदी है।
क्या हुआ?
टाटा स्टील लिमिटेड ने TM International Logistics Limited (TMILL) में 23% इक्विटी हिस्सेदारी सफलतापूर्वक हासिल कर ली है। 20 अगस्त, 2026 को संपन्न हुए इस सौदे में, कंपनी ने IQ Martrade Holding Und Management GmbH ('IQ') से 41,40,000 शेयर ₹335 करोड़ में खरीदे हैं।
यह क्यों अहम है?
इस अधिग्रहण से TMILL में टाटा स्टील की हिस्सेदारी 51% से बढ़कर 74% हो गई है। नतीजतन, TMILL एक ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) से टाटा स्टील की सब्सिडियरी (Subsidiary) बन गई है। इससे कंपनी के लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस पर कंपनी का नियंत्रण और एकीकरण (Integration) बढ़ेगा।
पूरी कहानी
TMILL पहले टाटा स्टील (51%), NYK Holding Europe B.V ('NYK') (26%), और IQ (23%) की हिस्सेदारी वाली एक ज्वाइंट वेंचर के तौर पर काम कर रही थी। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) ने 18 अगस्त, 2026 को इस सौदे को मंजूरी दी थी।
अब क्या बदलेगा?
टाटा स्टील की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ, TMILL अब एक सब्सिडियरी है। इसके चलते, 26 जुलाई, 2001 के ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट (Joint Venture Agreement) और 26 नवंबर, 2009 के डी’ऑफ़ एडिहेरेंस (Deed of Adherence) को 20 अगस्त, 2026 से समाप्त कर दिया गया है। NYK Holding Europe B.V अपनी 26% हिस्सेदारी बरकरार रखेगी।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को यह देखना होगा कि टाटा स्टील इस पूरे नियंत्रण का इस्तेमाल सप्लाई चेन की कुशलता (Efficiency) और लागत में कमी (Cost Optimization) के लिए कैसे करती है। सब्सिडियरी के तौर पर TMILL के प्रदर्शन की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
