Tarmat Ltd की 41वीं AGM में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कंपनी के शेयरधारकों ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमित आत्माराम शाह की पुनर्नियुक्ति (Reappointment) के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसके चलते उन्हें अपने पद से रिटायर होना पड़ा है।
शेयरधारकों ने दिखाई सख्ती
कंपनी की 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कॉरपोरेट गवर्नेंस का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। अमित आत्माराम शाह को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और की-मैनेजरियल पर्सनल के तौर पर दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन शेयरधारकों ने इसे सिरे से नकार दिया। इस प्रस्ताव के खिलाफ 88.82% वोट पड़े। आंकड़ों की बात करें तो 1.30 करोड़ वोट प्रस्ताव के खिलाफ थे, जबकि पक्ष में केवल 16.40 लाख वोट ही मिले। नतीजतन, 30 सितंबर, 2026 को कारोबार बंद होने के साथ ही अमित शाह रिटायर हो गए।
कंपनी के सामने अब क्या चुनौतियां?
प्रमोटर या बोर्ड द्वारा लाए गए प्रस्ताव का इस तरह गिरना एक बड़ा घटनाक्रम है। अमित शाह के जाने के बाद एग्जीक्यूटिव लेवल पर एक पद खाली हो गया है। निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बोर्ड इस खाली जगह को भरने के लिए क्या कदम उठाता है और कंपनी के ऑपरेशंस पर इसका क्या असर पड़ता है।
AGM में अन्य फैसले
हालांकि अमित शाह के मुद्दे पर असहमति रही, लेकिन अन्य सात प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। इनमें शामिल हैं:
- 31 मार्च, 2026 तक के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को अपनाना।
- दिलीप वर्गीज का मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर पुनर्नियुक्ति।
- Hegde & Associates को 5 साल के लिए सांविधिक ऑडिटर के तौर पर फिर से नियुक्त करना।
- कृष्ण कुमार किनरा का इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर 5 साल का कार्यकाल बढ़ाना।
आने वाले दिनों में अब सभी की निगाहें बोर्ड द्वारा लिए जाने वाले नए फैसलों और उत्तराधिकार योजना (Succession Plan) पर टिकी रहेंगी।
