Tarmat Ltd: AGM में बड़ा उलटफेर, शेयरधारकों ने डायरेक्टर अमित आत्माराम शाह की नियुक्ति को नकारा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Tarmat Ltd: AGM में बड़ा उलटफेर, शेयरधारकों ने डायरेक्टर अमित आत्माराम शाह की नियुक्ति को नकारा

Tarmat Ltd की 41वीं AGM में बोर्ड को करारा झटका लगा है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और KMP के रूप में अमित आत्माराम शाह की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव शेयरधारकों ने भारी बहुमत से खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव के खिलाफ कुल **88.82%** वोट पड़े हैं, जबकि अन्य सभी **7** प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है।

भारी बहुमत से प्रस्ताव खारिज

कंपनी की 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) जो 30 सितंबर, 2026 को आयोजित हुई, उसमें बोर्ड के लिए एक अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई। अमित आत्माराम शाह को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और की मैनेजरियल पर्सनल (KMP) के रूप में फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव बुरी तरह गिर गया। आंकड़ों के अनुसार, प्रस्ताव के खिलाफ कुल 1,30,41,651 वोट पड़े, जबकि पक्ष में केवल 16,40,879 वोट यानी कुल वैध वोटों का महज 11.18% ही समर्थन मिला।

क्यों है यह बड़ी खबर?

किसी लिस्टेड कंपनी के AGM में बोर्ड मेंबर की नियुक्ति का इस तरह से खारिज होना काफी दुर्लभ है। यह बोर्ड और शेयरधारकों के बीच बढ़ते मतभेदों या गवर्नेंस को लेकर निवेशकों की चिंता को दर्शाता है। चूंकि श्री शाह कंपनी में KMP की अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे, इसलिए अब उनके हटने से मैनेजमेंट के स्तर पर एक खालीपन आ गया है, जिसे भरने के लिए कंपनी को जल्द कदम उठाने होंगे।

बाकी एजेंडे रहे सफल

खास बात यह है कि एकमात्र विवादास्पद प्रस्ताव को छोड़कर, बाकी सभी 7 प्रस्तावों को शेयरधारकों ने 100% बहुमत के साथ पास कर दिया। इसमें:

  • 31 मार्च, 2026 तक के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाना।
  • दिलीप वर्गीज को डायरेक्टर और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करना।
  • स्टेट्यूटरी ऑडिटर का 5 साल का दूसरा कार्यकाल बढ़ाना।
  • कृष्ण कुमार किनरा को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त करना।
  • नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स और कॉस्ट अकाउंटेंट्स के मानदेय को मंजूरी देना।

आगे निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

निवेशकों को अब स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी की अगली आधिकारिक फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए। बाजार यह देखना चाहेगा कि कंपनी बोर्ड में पैदा हुए इस नेतृत्व के शून्य को कैसे भरती है और क्या बोर्ड इस असहमति पर कोई स्पष्टीकरण देता है। भविष्य की नियुक्तियों और मैनेजमेंट की ओर से आने वाले बयानों पर अब निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि यह लंबी अवधि के लिए कंपनी की गवर्नेंस स्टेबिलिटी तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.