Tarmat Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹1.87 करोड़** से बढ़कर **₹6.56 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन ऑडिटर की ओर से जारी 'qualified opinion' निवेशकों के लिए एक रिस्क फैक्टर बन गया है।
मुनाफे की रफ्तार
कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹117.37 करोड़ रहा। वहीं, बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट की बदौलत कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़कर 6.05% पर पहुंच गए हैं, जो कंपनी की मजबूत एग्जीक्यूशन क्षमता को दर्शाता है।
ऑडिटर की चिंता (Audit Qualification)
मुनाफे की चमक के बीच एक बड़ी खबर यह है कि कंपनी के ऑडिटर्स ने ₹7.83 करोड़ के एक जॉइंट वेंचर—Backbone-Tarmat-Al Fara'a—में किए गए निवेश के वैल्यूएशन पर सवाल उठाए हैं। पारदर्शिता के इस मुद्दे को 'Qualified Opinion' के रूप में दर्ज किया गया है, जिससे निवेशकों को फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
बड़े बदलाव और भविष्य की रणनीति
बोर्ड ने दिलीप वर्गीस को मैनेजिंग डायरेक्टर और अमित आत्माराम शाह को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर अगले तीन साल के लिए फिर से नियुक्त किया है। फिलहाल कंपनी ने कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है ताकि कैश को भविष्य के ग्रोथ प्रोजेक्ट्स में लगाया जा सके। कंपनी का ₹300 करोड़ का ऑर्डर बुक पाइपलाइन में है, जिस पर आने वाले समय में नजर रखना जरूरी होगा।
