TVS Supply Chain Solutions ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की तुलना में **28.7%** का शानदार इजाफा हुआ है और यह **₹3,335.2 करोड़** तक पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी को **₹543 करोड़** के रिकॉर्ड नए बिजनेस ऑर्डर भी मिले हैं। एडजस्टेड EBITDA में **34%** की बढ़ोतरी हुई है।
TVS Supply Chain Solutions का दमदार प्रदर्शन
कंपनी के लिए Q1 FY27 शानदार रहा है। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 28.7% बढ़कर ₹3,335.2 करोड़ हो गया है। वहीं, एडजस्टेड EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में 34% का तगड़ा उछाल आया और यह ₹232.2 करोड़ पर पहुंच गया।
क्यों खास है ये नतीजे?
टॉप-लाइन ग्रोथ और ऑपरेशनल प्रॉफिट में सुधार कंपनी की मजबूत मांग और बेहतर एग्जीक्यूशन को दर्शाता है। ₹543 करोड़ के रिकॉर्ड नए बिजनेस ऑर्डर और ₹7,500 करोड़ से अधिक का मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन भविष्य में अच्छी कमाई का संकेत दे रहा है। हालांकि, रिपोर्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 68.4% घटकर ₹22.5 करोड़ रह गया, लेकिन इसका मुख्य कारण पिछले साल की इसी तिमाही में एक बार मिला InVIT (Infrastructure Investment Trust) का फायदा है।
क्या है वजह?
Q1 FY26 में, TVS Supply Chain Solutions को InVIT से एक बड़ा मुनाफा मिला था, जिससे उस तिमाही का रिपोर्टेड PAT ₹71.1 करोड़ दिखाया गया था। इस एकमुश्त फायदे को हटा दें, तो Q1 FY26 का असल ऑपरेशनल PAT केवल ₹8.8 करोड़ था। इस हिसाब से देखें तो इस तिमाही के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में करीब 156% की जबरदस्त ग्रोथ हुई है।
आगे क्या उम्मीद?
कंपनी के इंडिया बिजनेस ने गजब की रफ्तार पकड़ी है, रेवेन्यू में 43.9% की बढ़ोतरी हुई है। ग्लोबल फॉरवर्डिंग सॉल्यूशंस (GFS) सेगमेंट का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 2.1% से बढ़कर 4.1% हो गया है, जिसका श्रेय भारी फ्रेट वॉल्यूम को जाता है। India Ratings ने कंपनी के क्रेडिट आउटलुक को 'पॉजिटिव' कर दिया है, जो कंपनी की बेहतर वित्तीय सेहत को दिखाता है।
ध्यान रखने वाली बातें
भविष्य का आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन निवेशकों की नजर GFS सेगमेंट में मार्जिन में लगातार सुधार और बड़े ऑर्डर पाइपलाइन को रेवेन्यू में बदलने पर रहेगी। कंपनी ने FY27 के लिए मिड-टीन्स ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा है।
सेगमेंट पर एक नजर
इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन सॉल्यूशंस (ISCS) सेगमेंट का रेवेन्यू 21.9% बढ़कर ₹2,417.2 करोड़ रहा, जबकि GFS सेगमेंट 50.6% की बढ़त के साथ ₹918.0 करोड़ पर पहुंच गया।
