Systematic Industries अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर रही है. कंपनी अब Optical Ground Wire (OPGW) और Optical Fiber Cables (OFC) जैसे हाई-मार्जिन सेगमेंट पर फोकस कर रही है. इसके लिए ₹1,000 करोड़ की बड़ी ऑर्डर पाइपलाइन तैयार है.
Systematic Industries का बड़ा दांव: न्यू एज सेगमेंट में होगी कमाई
Systematic Industries लिमिटेड अपने पुराने स्टील वायर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस से हटकर अब 'न्यू एज' सेगमेंट जैसे Optical Ground Wire (OPGW), Optical Fiber Cables (OFC) और Aluminum Clad Steel (ACS) वायर पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह कंपनी के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक बदलाव है, क्योंकि फिलहाल कंपनी का 97% रेवेन्यू इसी पुराने बिजनेस से आता है।
FY26 के नतीजे और ग्रोथ
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में ₹556.3 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 24% ज्यादा है। वहीं, EBITDA ₹40.5 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹20.5 करोड़ रहा। PAT में यह गिरावट एक-एक बार की प्रोविजन्स के कारण आई है, जो सरकारी पॉलिसी में बदलाव से जुड़ी हैं।
क्यों है यह बदलाव अहम?
इस स्ट्रेटेजिक बदलाव का मकसद Systematic Industries को ज्यादा ग्रोथ और ज्यादा मार्जिन वाले सेगमेंट में ले जाना है। कंपनी OPGW के लिए वर्टिकल इंटीग्रेशन पर काम कर रही है और ऐसे OPGW प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सेवाएं भी देगी, जहां उसके बनाए प्रोडक्ट लागत का एक बड़ा हिस्सा होंगे। इस प्रीमियम और स्पेशलाइज्ड सेवाओं की ओर बढ़ने से कंपनी की भविष्य की कमाई और ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है।
₹1,000 करोड़ की बड़ी ऑर्डर पाइपलाइन
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि OPGW के लिए ₹1,000 करोड़ की एक मजबूत टेंडर पाइपलाइन तैयार है, जो भविष्य के अच्छे बिजनेस की ओर इशारा करती है। इसके अलावा, कंपनी ने Power Grid of India से OPGW एग्जीक्यूशन का कॉन्ट्रैक्ट और रेलवे से OFC के लिए ₹10 करोड़ का ऑर्डर भी हासिल किया है।
कंपनी का पिछला प्रदर्शन
FY23 से FY26 के बीच, Systematic Industries ने रेवेन्यू में 20% CAGR, EBITDA में 40% CAGR और PAT में 49% CAGR की ग्रोथ हासिल की है। कंपनी के पास चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं, जिनकी कुल कैपेसिटी 1 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा है। पुराने प्लांट्स फिलहाल 75% कैपेसिटी पर चल रहे हैं।
आगे क्या होगा?
मैनेजमेंट का फोकस अब स्टील प्रोसेसिंग से लेकर OPGW केबल मैन्युफैक्चरिंग तक की वैल्यू चेन को कंट्रोल करने पर है। कंपनी FY27 तक अपने 'न्यू एज' एसेट्स को बढ़ाने की योजना बना रही है। फिलहाल कंपनी के रेवेन्यू में एक्सपोर्ट का हिस्सा 8-10% है, जिसे आने वाले सालों में 15% तक ले जाने का लक्ष्य है।
किन रिस्क पर रखें नज़र?
ऑप्टिकल फाइबर प्रीफॉर्म्स की सप्लाई चेन में दबाव और रॉ मैटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव (खासकर डॉलर के मजबूत होने के कारण) कुछ प्रमुख रिस्क हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि सरकारी नीतियों में बदलाव के कारण ग्रेच्युटी और लीव के लिए एक-एक बार की प्रोविजन्स ने FY26 में शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट ग्रोथ को अस्थायी रूप से प्रभावित किया है। FY27 के लिए स्पेसिफिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के आंकड़े अभी तय नहीं किए गए हैं।
