Synergy Green Industries के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर (FY26) मिला-जुला रहा। कंपनी की कुल आमदनी तो **3.49%** बढ़कर **₹376.37 करोड़** हो गई, लेकिन भारी एक्सपेंशन कॉस्ट के चलते नेट प्रॉफिट में **72.43%** की बड़ी गिरावट आई और यह सिर्फ **₹4.66 करोड़** रह गया।
Synergy Green Industries का FY26 प्रदर्शन
Synergy Green Industries Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की कुल आमदनी (Total Income) पिछले साल के ₹363.68 करोड़ की तुलना में 3.49% बढ़कर ₹376.37 करोड़ दर्ज की गई।
हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को बड़ा झटका लगा। FY 2025-26 के लिए कंपनी का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) घटकर ₹4.66 करोड़ रह गया, जो पिछले साल FY 2024-25 में ₹16.89 करोड़ था। यह 72.43% की भारी गिरावट है। इसके अलावा, EBITDA में 8.15% की कमी आई और यह ₹49.32 करोड़ रहा (पिछले साल ₹53.70 करोड़ था)। नतीजतन, शेयर पर प्रति आय (EPS) भी 73.07% घटकर ₹3.00 हो गई (पिछले साल ₹11.14 थी)।
क्यों गिरी कंपनी की मुनाफा?
आमदनी में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि कंपनी के प्रोडक्ट्स की डिमांड बनी हुई है। लेकिन प्रॉफिट में आई इस भारी गिरावट का सीधा संबंध कंपनी द्वारा किए गए बड़े एक्सपेंशन (Expansion) और कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) से है। नई सुविधाओं के चालू होने से आउटसोर्सिंग का खर्च बढ़ा, फाइनेंस कॉस्ट में इजाफा हुआ और डेप्रिसिएशन (Depreciation) भी बढ़ा। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या कंपनी अपनी बढ़ाई हुई कैपेसिटी का फायदा उठाकर आने वाले समय में मुनाफे को बेहतर कर पाती है या नहीं।
कंपनी की नई क्षमताएं
FY 2025-26 कंपनी के लिए बड़ा CAPEX का साल रहा। कंपनी ने अपनी फाउंड्री कैपेसिटी को 30,000 TPA से बढ़ाकर 45,000 TPA कर दिया है। साथ ही, 20,000 TPA की नई इन-हाउस मशीनिंग और सरफेस ट्रीटमेंट फैसिलिटी शुरू की गई है। कैप्टिव सोलर पावर कैपेसिटी को 2 MW से बढ़ाकर 10 MW किया गया है, जिससे ऑपरेशनल कॉस्ट कम होने की उम्मीद है। कंपनी ने 12 नए प्रोडक्ट्स भी डेवलप किए हैं।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
Synergy Green Industries के सामने दो मुख्य जोखिम हैं। पहला, कंपनी का 80% से ज्यादा रेवेन्यू विंड एनर्जी सेक्टर से आता है, जो एक तरह का कंसंट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) है। दूसरा, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंपनी के इनपुट कॉस्ट को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर ग्राहकों पर डालने में एक तिमाही तक की देरी हो सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब कंपनी की नई क्षमता के इस्तेमाल (Utilization) पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी इनपुट कॉस्ट को मैनेज करने और उसे ग्राहकों पर पास-ऑन करने में कितनी सफल होती है, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा। कंपनी का अनुमान है कि FY 2026-27 में EBITDA मार्जिन में 300+ बेसिस पॉइंट का सुधार देखने को मिल सकता है।
