Synergy Green Industries ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में 72% की गिरावट के साथ **₹4.66 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी के विस्तार (Expansion) पर हुए खर्चों का असर नतीजों पर दिखा, हालांकि रेवेन्यू में **3.49%** की मामूली बढ़त देखी गई। कंपनी को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में ग्रोथ और मार्जिन में सुधार होगा।
Synergy Green Industries के FY26 नतीजे: विस्तार के कारण मुनाफे में आई बड़ी गिरावट, पर FY27 के लिए आउटलुक सकारात्मक
Synergy Green Industries ने 2025-26 के फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹4.66 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹16.89 करोड़ की तुलना में 72% की भारी गिरावट है। वहीं, कंपनी की टोटल इनकम में 3.49% की मामूली बढ़त के साथ यह ₹376.37 करोड़ रही।
नतीजों का मतलब क्या है?
कंपनी के नतीजे बताते हैं कि क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) सफल रहा है, लेकिन मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, मैनेजमेंट का FY27 के लिए पॉजिटिव आउटलुक यह संकेत देता है कि इन निवेशों से भविष्य में अच्छे रिटर्न की उम्मीद है।
पीछे क्या हुआ?
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी ने ₹217 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्रोग्राम चलाया। इसके तहत फाउंड्री कैपेसिटी को 45,000 TPA तक बढ़ाया गया, 20,000 TPA की नई मशीनिंग और कोटिंग फैसिलिटी शुरू की गई, और कैप्टिव सोलर पावर को 10 MW तक बढ़ाया गया। इस विस्तार के कारण आउटसोर्सिंग, मैनपावर और ओवरहेड लागतों में भी वृद्धि हुई।
अब आगे क्या बदलेगा?
कैपेक्स साइकिल पूरा होने के साथ, कंपनी को FY 2026-27 में इम्प्रूव्ड ऑपरेशनल लेवरेज और मार्जिन एक्सपेंशन की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने हेल्दी डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और ₹500 करोड़ से अधिक के ऑर्डर बुक का अनुमान लगाया है। साथ ही, EBITDA मार्जिन में 300 बेसिस पॉइंट से अधिक का सुधार होने की उम्मीद है।
किन जोखिमों पर नजर?
एक बड़ी चिंता यह है कि कंपनी का 80% से अधिक रेवेन्यू सिर्फ विंड सेक्टर से आता है। जैसे-जैसे नई कैपेसिटी का उपयोग होगा, बढ़ी हुई ऑपरेशनल लागतों से मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव पर बारीकी से नजर रखने की ज़रूरत होगी।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को नए प्लांट्स के रैंप-अप और FY 2026-27 में अनुमानित रेवेन्यू ग्रोथ व मार्जिन विस्तार को ट्रैक करना चाहिए। विंड सेक्टर के अलावा अन्य क्षेत्रों में कंपनी का विस्तार भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।
