Swan Defence And Heavy Industries ने Q2 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹566.44 करोड़** रहा है। इस तेजी के पीछे का असली कारण एक बड़ा टैक्स राइट-बैक है।
मुनाफे की असल सच्चाई
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो इस तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹566.44 करोड़ रहा है, जबकि पिछली तिमाही में कंपनी को ₹41.66 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि, इस भारी मुनाफे के पीछे मुख्य वजह Triumph Offshore Private Limited (TOPL) के साथ विलय के बाद मिला ₹563.15 करोड़ का वन-टाइम टैक्स प्रोविजन राइट-बैक है।
बिजनेस ऑपरेशंस पर असर
कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹68.85 करोड़ रहा है। आंकड़ों को गहराई से देखें तो कंपनी का 99% मुनाफा सिर्फ टैक्स एडजस्टमेंट से आया है। इसका मतलब यह है कि कंपनी का कोर बिजनेस अभी भी शुरुआती चरण में है और ऑपरेशनल प्रॉफिट उस स्तर पर नहीं है, जितना हेडलाइन नंबर्स दिखा रहे हैं।
मर्जर और डेट एडजस्टमेंट
यह विलय 17 सितंबर, 2026 से प्रभावी हुआ है। इसके तहत Hazel Infra Limited के ₹171.07 करोड़ के कर्ज का भी एडजस्टमेंट किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में तीन सहायक कंपनियों (subsidiaries) के डेटा को शामिल न करने की बात कही है क्योंकि इनका अंतरिम डेटा उपलब्ध नहीं था। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल इस बड़े मुनाफे को देखकर निर्णय न लें, बल्कि भविष्य की तिमाहियों में कंपनी की कोर शिपबिल्डिंग और फैब्रिकेशन आय पर नजर बनाए रखें।
