NCLT अहमदाबाद ने Triumph Offshore Private Limited के Swan Defence and Heavy Industries Limited में विलय को मंजूरी दे दी है। इस कदम से कंपनी को अपना बिजनेस कंसोलिडेट करने और बैलेंस शीट को साफ करने में मदद मिलेगी।
विलय का असर और फाइनेंशियल डिटेल्स
इस विलय के साथ ही Triumph Offshore और Swan Defence की तमाम गतिविधियाँ, जैसे डिजाइन, निर्माण और चार्टरिंग, अब एक ही छत के नीचे आ गई हैं। विलय के आंकड़ों पर नजर डालें तो Triumph Offshore का रेवेन्यू ₹381.04 करोड़ रहा, जबकि Swan Defence का रेवेन्यू ₹7.03 करोड़ था। वहीं, प्रॉफिट की बात करें तो Triumph Offshore का मुनाफा ₹1,558.20 करोड़ रहा, जबकि Swan Defence को ₹181.49 करोड़ का घाटा हुआ।
शेयर स्वैप का गणित (Share Swap Ratio)
इस डील के तहत, Triumph Offshore के शेयरधारकों को 1,000 इक्विटी शेयरों के बदले Swan Defence के 1,325 प्रिफरेंस शेयर मिलेंगे। इन प्रिफरेंस शेयरों की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर तय की गई है। कंपनी इस विलय के जरिए अपने कैपिटल रिजर्व का उपयोग करके रिटेंड अर्निंग्स के डेबिट बैलेंस को कम करेगी, जिससे बैलेंस शीट अधिक मजबूत दिखेगी।
ध्यान रखने वाली बातें (Risks & Oversight)
भले ही NCLT से मंजूरी मिल गई हो, लेकिन कंपनी पर रेगुलेटरी नजर बनी रहेगी। कोर्ट ने साफ किया है कि इस मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि कंपनी किसी पुराने टैक्स विवाद या कानूनी कार्यवाही से मुक्त हो गई है। अगर ट्रांजिशन के दौरान कोई टैक्स चोरी सामने आती है, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कार्रवाई कर सकता है।
अब निवेशकों की नजर कंपनी द्वारा RoC के पास e-Form INC-28 फाइल करने और नए प्रिफरेंस शेयरों के अलॉटमेंट पर टिकी है।
