Swan Defence And Heavy Industries (SDHI) ने अपना कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। Triumph Offshore के साथ मर्जर के बाद कंपनी के पास अब **₹6,500 करोड़** का भारी-भरकम ऑर्डर बुक है और उसे NaBFID से **₹1,150 करोड़** का सस्ता लोन भी मिला है।
मुनाफे में बड़ी उछाल
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। H1FY27 में रेवेन्यू बढ़कर ₹99.46 करोड़ हो गया है, जो कि H1FY26 में ₹39.99 करोड़ था। वहीं, Triumph Offshore (TOPL) के साथ मर्जर के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) उछलकर ₹524.78 करोड़ पर पहुंच गया है।
नई फंडिंग और विजन
NaBFID से मिले ₹1,150 करोड़ के टर्म लोन पर कंपनी को महज 5.85% का इफेक्टिव इंटरेस्ट रेट देना होगा। इस पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपनी ब्राउनफील्ड कैपेसिटी बढ़ाने में करेगी। कंपनी के सीईओ रियर एडमिरल (रिटायर्ड) विपिन कुमार सक्सेना का कहना है कि अब कंपनी पूरी तरह से हाई-स्केल एग्जीक्यूशन मोड में शिफ्ट हो चुकी है।
बड़े इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स
कंपनी के पास मौजूदा ऑर्डर बुक में कई बड़े नाम शामिल हैं:
- Energy ONE के लिए अमोनिया कैरियर।
- Svitzer के लिए टग बोट्स।
- रॉयल नेवी ऑफ ओमान के लिए ट्रेनिंग शिप।
इन प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी FY28 से FY31 के बीच होनी है, जो कंपनी की भविष्य की कमाई के लिए एक मजबूत आधार तैयार करते हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इतने बड़े और विविधतापूर्ण ऑर्डर्स के साथ 'एग्जीक्यूशन रिस्क' भी जुड़ा होता है। निवेशकों को यह नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी समय पर अपने प्रोजेक्ट्स पूरे कर पाती है या नहीं। साथ ही, सरकारी सब्सिडी पर निर्भरता भी इस बिजनेस मॉडल का एक महत्वपूर्ण पहलू है जिसे ट्रैक करना जरूरी है।
