Susan Electricals India Ltd ने सितंबर तिमाही के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के **₹44.51 करोड़** से बढ़कर **₹106.71 करोड़** पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹6.76 करोड़** दर्ज किया गया है।
मुनाफे में जोरदार उछाल
कंपनी के ऑपरेशंस में जबरदस्त विस्तार देखने को मिला है। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹106.71 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹44.51 करोड़ था। अगर हम छमाही (H1) की बात करें, तो कंपनी ने ₹202.06 करोड़ का रेवेन्यू और ₹13.15 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया है, जो पिछले साल के पहले 6 महीनों के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस तिमाही में कंपनी की अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹3.33 रही है।
IPO फंड का कहां हो रहा इस्तेमाल?
निवेशकों की नजर इस बात पर थी कि कंपनी अपने IPO से जुटाए गए पैसे का उपयोग कैसे कर रही है। कंपनी ने अब तक ₹60.22 करोड़ के कुल नेट प्रोसीड्स में से ₹48.87 करोड़ खर्च कर दिए हैं। इसमें से ₹8.68 करोड़ का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर और ₹24.95 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए किया गया है। फिलहाल ₹11.35 करोड़ की राशि अभी बिना इस्तेमाल के बची है, जिसे कंपनी अपने कॉर्पोरेट कामकाज में उपयोग करेगी।
ऑडिट और आगे की राह
इन नतीजों को ऑडिट कमिटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने मंजूरी दे दी है। स्टैच्युटरी ऑडिटर्स ने अनमॉडिफाइड लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट दी है, जिससे साफ है कि अकाउंटिंग को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। कंपनी ने जानकारी दी है कि डेजिग्नेटेड व्यक्तियों के लिए ट्रेडिंग विंडो 5 नवंबर, 2026 से फिर से खुल जाएगी।
