Susan Electricals India Ltd ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें रेवेन्यू में **279%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कंपनी घाटे से उबरकर **₹63.91 करोड़** का प्रॉफिट दर्ज करने में सफल रही है।
Susan Electricals India Ltd: Q1 FY27 में शानदार वापसी
Susan Electricals India Ltd ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में 278.95% का भारी उछाल देखा गया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹2,516.31 लाख की तुलना में बढ़कर ₹9,535.68 लाख हो गया। सबसे खास बात यह है कि कंपनी टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) में ₹639.13 लाख पर पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹41.55 लाख का घाटा हुआ था। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 980.20% की ज़बरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹1,137.34 लाख रहा।
निवेशकों के लिए क्यों है खास?
यह मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस Susan Electricals के लिए एक सफल टर्नअराउंड (Turnaround) का संकेत देती है। रेवेन्यू में भारी बढ़ोतरी और घाटे से प्रॉफिट में आना कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और मार्केट डिमांड को दर्शाता है। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (Manufacturing Capacity) बढ़ा रही है और LT/HT केबल्स और MVCC जैसे ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है, जो इस ग्रोथ को बनाए रखने में मदद करेंगे।
क्या बदला है?
Q1 FY26 में Susan Electricals को ₹2,516.31 लाख के रेवेन्यू पर ₹41.55 लाख का नेट लॉस (Net Loss) हुआ था और ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margins) 4.18% था। अब कंपनी के प्रोडक्ट मिक्स (Product Mix) में बड़ा बदलाव आया है। वाइंडिंग वायर (Winding Wire) रेवेन्यू का शेयर 47.74% से घटकर 24.39% हो गया है, जबकि LT/HT केबल्स और MVCC प्रोडक्ट्स अब Q1 FY27 रेवेन्यू का 72.79% हिस्सा हैं।
आगे क्या?
कंपनी फरवरी 2027 तक अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को 60% बढ़ाने की योजना बना रही है। यह क्षमता 7,500 Km सालाना से बढ़कर 12,000 Km सालाना हो जाएगी। इस विस्तार पर ₹1,080.96 लाख खर्च होंगे और इसका मकसद हाई-वैल्यू प्रोडक्ट सेगमेंट की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
जोखिमों पर नज़र
निवेशकों को कंपनी की कैपेसिटी एक्सपेंशन (Capacity Expansion) प्रोजेक्ट के समय पर और बजट के अंदर पूरा होने पर कड़ी नज़र रखनी होगी। साथ ही, मार्केट कंपटीशन (Market Competition) और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बेहतर ऑपरेटिंग और PAT मार्जिन को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती होगी।
ऑर्डर बुक और पाइपलाइन
30 जून 2026 तक, Susan Electricals के पास लगभग ₹142.39 करोड़ का अन-एक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक (Unexecuted Order Book) था और ₹150 करोड़ की एक्टिव पाइपलाइन (Active Pipeline) पर काम चल रहा था।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को फरवरी 2027 में नई मैन्युफैक्चरिंग लाइन के शुरू होने और कंपनी के हाई-मार्जिन सेगमेंट्स की ओर प्रोडक्ट मिक्स में लगातार सुधार पर नज़र रखनी चाहिए।
