Suraj Industries Ltd ने अपनी सब्सिडियरी CARYA Chemicals & Fertilizers Private Limited में ₹25 करोड़ के अनसिक्योर्ड लोन को इक्विटी में बदलने का फैसला किया है। इस कदम से कंपनी का सब्सिडियरी पर कंट्रोल बढ़ेगा और होल्डिंग स्ट्रक्चर मजबूत होगा। CARYA का बॉटलिंग प्लांट अब चालू हो गया है।
Suraj Industries ने CARYA Chemicals में बढ़ाई हिस्सेदारी
Suraj Industries Ltd ने अपनी मटीरियल सब्सिडियरी, CARYA Chemicals & Fertilizers Private Limited में ₹25 करोड़ के बकाया अनसिक्योर्ड लोन को इक्विटी में बदलने का ऐलान किया है। इस रणनीतिक कदम से कंपनी को CARYA Chemicals पर अपना कंट्रोल बढ़ाने और होल्डिंग स्ट्रक्चर को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि इस ट्रांजैक्शन में कंपनी को कोई भी कैश खर्च नहीं करना पड़ेगा।
माना जा रहा है कि यह लोन इक्विटी कन्वर्जन प्रक्रिया अगले 2 हफ्तों के अंदर पूरी हो जाएगी।
क्यों उठाया यह कदम?
इस डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन का मुख्य मकसद CARYA Chemicals पर Suraj Industries के नियंत्रण को बढ़ाना है। चूंकि CARYA एक मटीरियल सब्सिडियरी है, इसलिए इस ट्रांजैक्शन को रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (Related Party Transaction) के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। इसके लिए जरूरी अप्रूवल पहले ही ऑडिट कमेटी, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और शेयरहोल्डर्स से मिल चुके हैं। कंपनी ने IBBI रजिस्टर्ड वैल्युअर की रिपोर्ट के आधार पर कन्वर्जन वैल्यू तय की है।
CARYA Chemicals की कहानी
CARYA Chemicals & Fertilizers Private Limited, इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) और कंट्री लिकर बनाने का काम करती है। कंपनी का बॉटलिंग प्लांट अप्रैल 2025 से चालू हो चुका है। साथ ही, कंपनी एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) के लिए डिस्टिलरी भी लगा रही है, जो फिलहाल अंडर कंस्ट्रक्शन है।
पिछले दो फाइनेंशियल इयर्स 2023-24 और 2024-25 में CARYA का टर्नओवर शून्य था। लेकिन, बॉटलिंग प्लांट के चालू होने से कंपनी FY 2025-26 में ₹87.11 करोड़ का टर्नओवर हासिल करने की उम्मीद कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
इस कन्वर्जन के बाद Suraj Industries का CARYA Chemicals & Fertilizers Private Limited में इक्विटी स्टेक बढ़ेगा, जिससे सब्सिडियरी के ऑपरेशंस और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर कंपनी का कंट्रोल और मजबूत होगा।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को CARYA की डिस्टिलरी प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। इस बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की देरी या लागत में वृद्धि, CARYA के भविष्य के रेवेन्यू अनुमानों और Suraj Industries के ROI को प्रभावित कर सकती है।
