इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Supreme Infrastructure India Limited अब पूरी तरह कर्ज मुक्त हो गई है। कंपनी ने कोर्ट की देखरेख में **₹2,200 करोड़** के कर्ज का सेटलमेंट पूरा कर लिया है और बैंकों से नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी हासिल कर लिया है।
बड़ी राहत: कर्ज का बोझ खत्म
कोर्ट द्वारा मंजूर की गई 'स्कीम ऑफ कॉम्प्रोमिस' (Scheme of Compromise) के तहत कंपनी ने अपने पुराने कर्ज का निपटारा कर लिया है। 28 अक्टूबर 2026 के NCLT आदेश के बाद कंपनी ने State Bank of India (SBI), Punjab National Bank (PNB) और Union Bank of India से फाइनल 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' प्राप्त कर लिया है। यह प्रक्रिया कंपनी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है।
बिजनेस पर होगा क्या असर?
कर्ज मुक्त होने का मतलब है कि अब कंपनी के बैलेंस शीट से ब्याज का भारी बोझ हट गया है। इससे कंपनी की लिक्विडिटी में सुधार होगा और मैनेजमेंट अब पूरी तरह से ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ध्यान केंद्रित कर पाएगा। अब कंपनी के पास नए प्रोजेक्ट्स—जैसे कि सड़कें, पुल और पावर सेक्टर—में बोली लगाने के लिए बेहतर क्षमता होगी।
आगे क्या उम्मीद करें?
आने वाली तिमाही के नतीजों में ब्याज खर्चों में कमी और कंपनी के बॉटम लाइन पर इसका असर साफ दिखाई देगा। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कितनी तेजी से नए ऑर्डर हासिल करने में सफल होती है, जो इसके भविष्य की रिकवरी के लिए सबसे जरूरी कदम है।
