NCLT की मुंबई बेंच ने Supreme Infrastructure India Ltd को एक बड़ी राहत देते हुए 'Scheme of Compromise' पूरा करने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब कंपनी के पास **31 अक्टूबर, 2026** तक का समय है।
NCLT का फैसला और नया टाइमलाइन
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने 28 अक्टूबर, 2026 को हुई सुनवाई में Supreme Infrastructure के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अनुपालन की समय सीमा को बढ़ाकर 31 अक्टूबर, 2026 कर दिया है। यह ऑर्डर विशेष रूप से कंपनी के रिस्ट्रक्चरिंग फ्रेमवर्क के तहत लंबित पेमेंट ऑब्लिगेशंस को पूरा करने के लिए जारी किया गया है।
एस्क्रो मैकेनिज्म का रोल
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए NCLT ने एक 'एस्क्रो अरेंजमेंट' (Escrow Arrangement) के तहत फंड डिस्बर्समेंट की व्यवस्था की है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि जो भी फंड लायबिलिटीज के सेटलमेंट के लिए जारी किए जा रहे हैं, वे ट्रिब्यूनल की कड़ी निगरानी में सही तरीके से उपयोग किए जाएं।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
स्टेकहोल्डर्स के लिए यह डेडलाइन बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि यह समय-सीमा राहत लेकर आई है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि अगर इस तय तारीख तक काम पूरा नहीं हुआ, तो कंपनी को कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें कंपनी के उन BSE फाइलिंग्स पर टिकी हैं, जो यह कन्फर्म करेंगे कि एस्क्रो के जरिए पेमेंट पूरी तरह सेटल हो गया है या नहीं।
