Suprajit Engineering का शानदार FY26 प्रदर्शन और भविष्य की ग्रोथ
Suprajit Engineering ने मार्च 2026 में समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (SCS डिविजन को छोड़कर) 8.7% की बढ़त के साथ ₹3,377 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड ऑपरेशनल EBITDA में 10.5% का इजाफा हुआ और यह ₹443 करोड़ दर्ज किया गया।
स्टैंडअलोन (Standalone) कंपनी की बात करें तो रेवेन्यू 7.1% बढ़कर ₹1,840 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेशनल EBITDA 2.4% की तेजी के साथ ₹305 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने ₹3.50 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है। फिलहाल, कंपनी पर ₹785 करोड़ का कंसोलिडेटेड कर्ज है, जबकि उसके पास ₹235 करोड़ का सरप्लस कैश बैलेंस (Surplus Cash Balance) मौजूद है।
नतीजों का मायने
ये नतीजे दिखाते हैं कि Suprajit Engineering रेवेन्यू बढ़ाने के साथ-साथ अपने ऑपरेशनल खर्चों को भी बखूबी संभाल रही है। SCS डिविजन का पॉजिटिव टर्नअराउंड (Turnaround) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन खास बातें रहीं। FY27 के लिए ₹200 करोड़ का घोषित कैपेक्स (CAPEX) भविष्य में विस्तार और दक्षता सुधार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मैनेजमेंट का लक्ष्य FY27 तक कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन को 12% से 13.5% तक ले जाना है।
कंपनी की पिछली चालें
Suprajit Engineering अपने GCM (Global Cables and Mechatronics) और SCS डिविजन में बड़े पैमाने पर रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) कर रही थी। GCM डिविजन ने मेक्सिको में ऑपरेशन्स को कंसोलिडेट करते हुए एक बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग पूरा किया। SCS डिविजन, जो पहले अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा था, अब मैन्युफैक्चरिंग लोकेशंस में रणनीतिक बदलाव के बाद FY26 की चौथी तिमाही में EBITDA पॉजिटिव हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन भी लगातार ग्रोथ दिखा रहा है।
आगे क्या बदलेगा?
SCS के सफल रीस्ट्रक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स में पॉजिटिव मोमेंटम के साथ, Suprajit आगे और ग्रोथ के लिए तैयार है। यह ₹200 करोड़ का कैपेक्स भारत (₹80 करोड़), ग्लोबल ऑपरेशन्स (₹50 करोड़), STC (₹50 करोड़), और कॉर्पोरेट/आईटी (₹15-16 करोड़) में बांटा जाएगा। इस निवेश से रेवेन्यू बढ़ाने और बेहतर EBITDA मार्जिन हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जोखिम के पहलू
निवेशकों को भू-राजनीतिक जोखिमों (Geopolitical Risks) पर नजर रखनी चाहिए, खासकर मध्य पूर्व संघर्ष का Phoenix Lamps डिविजन पर असर पड़ सकता है। $1-2 मिलियन सालाना के अनरिकवर्ड टैरिफ (Unrecovered Tariffs) भी प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल सकते हैं। इसके अलावा, टंगस्टन (Tungsten) और मॉली (Moly) जैसी कमोडिटी (Commodity) की कीमतों में बढ़त भी मार्जिन विस्तार की योजनाओं के लिए जोखिम पैदा करती है।
भविष्य पर नजर
निवेशकों को कैपेक्स प्लान के अमल, इलेक्ट्रॉनिक्स डिविजन के प्रदर्शन और Phoenix Lamps सेगमेंट की रिकवरी पर करीबी नजर रखनी चाहिए। भू-राजनीतिक चुनौतियों और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने की कंपनी की क्षमता, लक्षित मार्जिन विस्तार के लिए महत्वपूर्ण होगी।
