Super Iron Foundry Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। मिडिल ईस्ट में विस्तार के चलते कंपनी का रेवेन्यू **₹255.95 करोड़** तक पहुंच गया है, हालांकि वर्किंग कैपिटल बचाने के लिए कंपनी ने इस बार डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
मुनाफे में भारी उछाल, लेकिन कैश पर नजर
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की रिपोर्ट में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। रेवेन्यू ₹158.70 करोड़ से बढ़कर ₹255.95 करोड़ हो गया है, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) भी ₹3.75 करोड़ से उछलकर ₹16.66 करोड़ पर पहुंच गया है।
इंटरनेशनल मार्केट का दम
इस ग्रोथ के पीछे कंपनी की नई ट्रेडिंग सब्सिडियरीज का बड़ा हाथ है। यूएई (UAE) और सऊदी अरब की इकाइयों ने कंपनी के कुल रेवेन्यू में ₹70.55 करोड़ का अतिरिक्त योगदान दिया है। कंपनी अब अपनी सप्लाई चेन को और मजबूत बनाने के लिए इंटीग्रेटेड कास्टिंग मॉडल पर काम कर रही है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
कंपनी की बैलेंस शीट में एक बड़ा बदलाव ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) का बढ़ना है, जो 183.9% के उछाल के साथ ₹122.47 करोड़ हो गए हैं। इंटरनेशनल ट्रेडिंग में क्रेडिट साइकिल लंबी होने के कारण कैश फ्लो पर दबाव बना हुआ है, यही वजह है कि बोर्ड ने इस साल डिविडेंड (Dividend) न देने का फैसला लिया है।
आगे क्या होगा?
मैनेजमेंट अब यूके, यूएसए, कतर और ऑस्ट्रेलिया में अपना फुटप्रिंट बढ़ाने की तैयारी में है। निवेशकों को कंपनी के उन रेल-कास्टिंग अप्रूवल्स (RDSO Approval) पर नजर रखनी चाहिए, जिनके मिलने के बाद कंपनी के लिए ग्रोथ के नए रास्ते खुल सकते हैं। साथ ही, कंपनी को बढ़ते डेप्रिसिएशन कॉस्ट को मैनेज करने के लिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का पूरा उपयोग करना होगा।
