Sumeet Industries ने अपना FY26 का एनुअल रिपोर्ट जारी कर दिया है। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹1,050.42 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट आई है। कंपनी अब अपने फंड्स को चिप्स प्रोजेक्ट में लगाने की तैयारी में है।
मुनाफे में क्यों आई कमी?
Sumeet Industries Limited (SIL) की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹1,003.37 करोड़ से बढ़कर ₹1,050.42 करोड़ हो गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट ₹151.01 करोड़ से लुढ़ककर ₹23.61 करोड़ पर आ गया। कंपनी का कहना है कि पिछले साल कुछ असाधारण लाभ (exceptional gains) मिले थे, जो इस साल नहीं थे।
नई रणनीति: चिप्स प्रोजेक्ट पर दांव
Eagle Group के नेतृत्व में कंपनी अब एक बड़ा स्ट्रैटेजिक बदलाव कर रही है। बोर्ड ने ₹36 करोड़ के फंड को री-एलोकेट करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें से ₹22 करोड़ जो पहले सोलर प्लांट के लिए थे और ₹14 करोड़ लोन चुकाने के लिए, उन्हें अब सब्सिडियरी कंपनी 'Sumeet Speciality Chips Limited' (SSCL) के जरिए Nakoda Limited चिप्स प्रोजेक्ट को शुरू करने में लगाया जाएगा।
ऑपरेशंस और एफिशिएंसी
कंपनी ने अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाने पर जोर दिया है। हाल ही में ₹10.40 करोड़ के निवेश से सेंट्रीफ्यूगल एयर कंप्रेसर को अपग्रेड किया गया है, जिससे सालाना ₹5 करोड़ की लागत बचने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी में भी निवेश कर रही है ताकि इनपुट कॉस्ट को कम किया जा सके।
ऑडिटर्स की चिंता
Statutory ऑडिटर M/s HTKS & Co. ने MSMED एक्ट, 2006 की धारा 16 के तहत ब्याज भुगतान को लेकर 'Qualified Opinion' जाहिर किया है। उनका कहना है कि इस ब्याज का सही आकलन नहीं किया गया है। वहीं मैनेजमेंट का दावा है कि वे MSME वेंडर्स के साथ आपसी सहमति से काम करते हैं, जहां ऐसे ब्याज का प्रावधान नहीं होता।
आगे क्या?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि SSCL के जरिए कंपनी का चिप्स प्रोजेक्ट कितना सफल रहता है और क्या कंपनी बिना किसी वन-टाइम गेन के ₹60.77 करोड़ का EBITDA मेंटेन रख पाती है।
