Sugs Lloyd Ltd ने Tata Power Delhi Distribution Limited के साथ एक महत्वपूर्ण करार किया है। कंपनी को **11 kV Auto Reclosers** की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग के लिए **₹3.16 करोड़** का ऑर्डर मिला है, जो अक्टूबर **2027** तक प्रभावी रहेगा।
पावर इंफ्रा सेक्टर में मजबूती
इस नए ऑर्डर के साथ Sugs Lloyd ने पावर डिस्ट्रीब्यूशन ऑटोमेशन स्पेस में अपनी तकनीकी पकड़ को और मजबूत किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट न केवल हार्डवेयर सप्लाई तक सीमित है, बल्कि इसमें M2M कनेक्टिविटी, मॉडेम इंस्टॉलेशन, IPsec टनल वैलिडेशन और ADMS के लिए सिग्नल सिमुलेशन जैसे जटिल काम शामिल हैं।
क्या है 'रेट कॉन्ट्रैक्ट' का गणित?
निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि यह एक 'रेट कॉन्ट्रैक्ट' है। इसका मतलब यह है कि ₹3.16 करोड़ की पूरी रकम तुरंत नहीं आएगी। कंपनी को राजस्व (revenue) तभी प्राप्त होगा, जब क्लाइंट की ओर से समय-समय पर ऑर्डर जारी किए जाएंगे।
रिस्क और आगे की राह
- ऑर्डर फ्लो की अनिश्चितता: चूंकि यह एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट है, इसलिए रेवेन्यू का आना क्लाइंट द्वारा जारी किए गए रिलीज ऑर्डर्स की संख्या पर निर्भर करेगा।
- प्रोजेक्ट का समय: यह कॉन्ट्रैक्ट 24 अक्टूबर 2026 से 23 अक्टूबर 2027 तक के लिए वैध है।
निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग पर नजर रखें, ताकि यह पता चल सके कि Tata Power-DDL की तरफ से ऑर्डर्स की रफ्तार कैसी बनी हुई है।
