लिस्टेड कंपनी के तौर पर Sugs Lloyd Ltd ने अपने पहले ही साल में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **71%** बढ़कर **₹300.7 करोड़** पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹28.69 करोड़** रहा।
फाइनेंशियल ईयर 2026 की जबरदस्त शुरुआत
Sugs Lloyd Limited ने अपना पहला सालाना रिपोर्ट कार्ड पेश किया है, जिसमें कंपनी ने मैनेजमेंट की उम्मीदों (₹270 करोड़) को पीछे छोड़ते हुए ₹300.7 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 72% की सालाना वृद्धि के साथ ₹28.69 करोड़ रहा और बेसिक EPS ₹14.19 पर पहुंच गया है।
बैलेंस शीट में सुधार और भविष्य की राह
कंपनी ने अपनी फाइनेंशियल स्थिति को काफी मजबूत किया है। शेयरधारकों की पूंजी बढ़कर ₹137.2 करोड़ हो गई है। सबसे बड़ी राहत की बात डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-equity ratio) में आई है, जो पिछले साल के 2.04x से घटकर अब 0.50x रह गया है। इन नतीजों के दम पर कंपनी ने FY28 तक ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट रखा है।
बड़े ऑर्डर और स्ट्रैटेजिक मूव्स
कंपनी की ऑर्डर बुक फिलहाल ₹825 करोड़ की है, जिसमें Konkan Railway Corporation से मिला ₹540 करोड़ का SCADA प्रोजेक्ट सबसे अहम है। इसमें से ₹708 करोड़ पावर ट्रांसमिशन और ₹110 करोड़ सोलर प्रोजेक्ट्स से आते हैं। अब 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 17वीं AGM में कंपनी अपने निवेश और कर्ज की लिमिट को ₹600 करोड़ तक बढ़ाने पर वोटिंग कराएगी।
निवेशकों के लिए सावधानी
सब कुछ अच्छा दिख रहा है, लेकिन EPC सेक्टर की चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकल अभी भी 139 दिनों का है, जो कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है। पेमेंट में देरी से बचने के लिए मैनेजमेंट फिलहाल बिल डिस्काउंटिंग और श्योरिटी बॉन्ड्स का सहारा ले रहा है।
