Sterling and Wilson Renewable Energy ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा **36%** बढ़कर **₹53 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू **9.8%** गिरकर **₹1,590 करोड़** रहा।
Sterling and Wilson Renewable Energy Q1 FY27 नतीजे
Sterling and Wilson Renewable Energy ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में ₹53 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹39 करोड़ की तुलना में 36% की बड़ी बढ़ोतरी है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 9.8% घटकर ₹1,590 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,762 करोड़ था। इस दौरान ग्रॉस मार्जिन 1.8 प्रतिशत अंक घटकर 9.9% पर आ गया। कंपनी ने अपने बैंक लोन में ₹129 करोड़ की कटौती की है, जिससे नेट डेट घटकर ₹635 करोड़ रह गया है।
ये नतीजे क्यों मायने रखते हैं?
36% के प्रॉफिट ग्रोथ से यह साफ है कि कंपनी कम रेवेन्यू के बावजूद अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर बनाने में सक्षम है। कंपनी के पास ₹13,024 करोड़ का बड़ा अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर वैल्यू (UOV) है और 18.3 GW का बढ़ता O&M पोर्टफोलियो है, जो भविष्य की कमाई के लिए अच्छी विजिबिलिटी देता है। कर्ज़ में कमी कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार का संकेत भी देती है।
क्या है बैकस्टोरी?
Q1 FY27 में रेवेन्यू पर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन के टाइमिंग का असर पड़ा है, क्योंकि छह टर्नकी प्रोजेक्ट्स अभी शुरू होने बाकी हैं। उम्मीद है कि यह बैक-लोडेड रेवेन्यू रिकग्निशन FY27 की दूसरी छमाही में रेवेन्यू को बढ़ाएगा। कंपनी अपने O&M बिज़नेस पर फोकस कर रही है, जिसे एक स्थिर और हाई-मार्जिन सेगमेंट माना जाता है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी को इजिप्ट में 1 GW सोलर प्लस 600 MWh BESS प्रोजेक्ट मिला है, जिसमें Sterling and Wilson की हिस्सेदारी करीब ₹2,641 करोड़ है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि EPC मार्जिन 8-10% के बीच स्थिर रहेंगे और O&M मार्जिन 20% के आसपास रहेंगे। बड़े ऑर्डर बुक को पूरा करने और O&M बिज़नेस के विस्तार पर कंपनी का ध्यान जारी रहेगा।
किन जोखिमों पर नज़र रखें?
सबसे बड़ा जोखिम छह पेंडिंग टर्नकी प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन टाइमिंग से जुड़ा है। किसी भी देरी से H2 FY27 में अपेक्षित रेवेन्यू में कमी आ सकती है। Q1 FY27 में ग्रॉस मार्जिन में आई कमी भी चिंता का विषय है, हालांकि मैनेजमेंट इसे स्थिर करने की उम्मीद कर रहा है।
पीयर कंपैरिजन
Sterling and Wilson रिन्यूएबल एनर्जी EPC और O&M सेक्टर में एक बड़ा प्लेयर है। इसके कॉम्पिटिटर्स वे कंपनियां हैं जो सोलर, विंड और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के डेवलपमेंट और एग्जीक्यूशन में शामिल हैं। कंपनी का बड़ा ऑर्डर बुक और O&M सेगमेंट इसे एक अलग पहचान दिलाता है, क्योंकि यह लगातार कमाई के स्त्रोत प्रदान करता है।
प्रासंगिक मेट्रिक्स (समय-आधारित)
जून 2026 तक, अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर वैल्यू ₹13,024 करोड़ थी, और O&M पोर्टफोलियो 18.3 GW तक पहुंच गया था। नेट डेट ₹635 करोड़ था, जिसमें बैंक बोरिंग्स ₹1,035 करोड़ थीं। नेट वर्किंग कैपिटल ₹260 करोड़ निगेटिव था।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को छह पेंडिंग टर्नकी प्रोजेक्ट्स की शुरुआत और प्रगति, H2 FY27 में रेवेन्यू की वृद्धि, और O&M सेगमेंट के लगातार विकास और प्रॉफिटेबिलिटी पर नज़र रखनी चाहिए।
