Sterling and Wilson Renewable Energy: रिकॉर्ड रेवेन्यू, मगर कंपनी को हुआ भारी नुकसान!
Sterling and Wilson Renewable Energy ने IPO के बाद अपना सबसे ज़्यादा सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है, जो FY 2025-26 में ₹7,548.05 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹10,062 करोड़ के नए ऑर्डर भी हासिल किए हैं। इन शानदार नतीजों के बावजूद, Sterling and Wilson ने इस फाइनेंशियल ईयर में ₹295.79 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस (आफ्टर टैक्स) रिपोर्ट किया है। पिछले साल यानी FY 2024-25 में कंपनी ने ₹85.55 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था।
क्या रहा खास?
कंपनी ने अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं, जिनमें मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (कंसॉलिडेटेड): ₹7,548.05 करोड़
- EBITDA (कंसॉलिडेटेड): ₹480.75 करोड़
- नेट लॉस (कंसॉलिडेटेड): (₹295.79) करोड़
- नए ऑर्डर (New Order Inflows): ₹10,062 करोड़
- अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर वैल्यू (UOV): ₹11,813 करोड़
FY 2024-25 की तुलना में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू करीब 20% बढ़ा है, जो कि ₹6,301.86 करोड़ था। EBITDA में भी ₹276.19 करोड़ से बढ़कर ₹480.75 करोड़ की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
ये क्यों मायने रखता है?
कंपनी ने टॉप-लाइन ग्रोथ और ऑपरेशनल परफॉरमेंस में जहां ज़बरदस्त उछाल दिखाया है, वहीं नेट लॉस में आना यह दर्शाता है कि कुछ खास (non-recurring) फाइनेंशियल इवेंट्स का असर पड़ा है। भारी भरकम एक्सेप्शनल एक्सपेंस (exceptional expense) ने बॉटम लाइन पर बुरा असर डाला है, जिससे कंपनी के असली ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर पर्दा पड़ गया है। हालांकि, मजबूत ऑर्डर इनफ्लो और बढ़ता O&M पोर्टफोलियो भविष्य के लिए अच्छी मांग और रेवेन्यू की संभावनाओं को दिखाता है।
रिस्क फैक्टर
सबसे बड़ी चिंता ₹610.94 करोड़ के कंसॉलिडेटेड एक्सेप्शनल आइटम एक्सपेंस की है। यह एक पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी में हुए खराब आर्बिट्रेशन नतीजों और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण हुआ है। इसने स्टैंडअलोन नेट वर्थ को प्रभावित किया है। इसके अलावा, एक कॉर्पोरेट गवर्नेंस का मामला भी सामने आया है: कंपनी ने FY 2025-26 के लिए ₹4.58 करोड़ की मैनेजेरियल रेमुनरेशन लिमिट पार कर दी है, जिसके लिए शेयरहोल्डर अप्रूवल की ज़रूरत होगी। सप्लाई चेन की अस्थिरता और फिक्स्ड-प्राइस EPC कॉन्ट्रैक्ट्स भी मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं।
