Sterling Tools के सितंबर तिमाही के नतीजे आ गए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **33%** बढ़कर **₹225.89 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹19.80 करोड़** से घटकर **₹13.63 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में गिरावट का असली सच
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों पर नजर डालें तो रेवेन्यू में 33% की दमदार ग्रोथ दिखी है, लेकिन प्रॉफिट में कमी का कारण 'वन-टाइम गेन' (One-time gain) का न होना है। पिछले साल कंपनी को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से ₹9.49 करोड़ की एक्स्ट्रा इनकम हुई थी, जो इस बार नहीं थी। इस बेस इफेक्ट (Base effect) के चलते प्रॉफिट का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले कम दिख रहा है।
बड़े बदलाव: मैनेजमेंट में फेरबदल
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। अनीश अग्रवाल अब CFO के पद से हटकर होल-टाइम डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी जगह अमित ढड्डा को नया CFO बनाया गया है, जो 27 अक्टूबर से प्रभावी होगा। अमित ढड्डा को फाइनेंस और ट्रेजरी में 25 साल से ज्यादा का तगड़ा अनुभव है और वे पहले Minda Corporation और One 97 Communications के साथ काम कर चुके हैं।
डिविडेंड और आगे की राह
कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2.75 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) को बरकरार रखा है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि नई लीडरशिप आने वाले क्वार्टर्स में मार्जिन्स को किस तरह से मैनेज करती है।
