Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) से बाहर निकलने के बाद Steelco Gujarat ने फिर से कामकाज शुरू कर दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू **₹58.53 करोड़** रहा है, हालांकि रीस्टार्ट के खर्चों के चलते कंपनी को **₹37.27 करोड़** का नेट लॉस झेलना पड़ा है।
फाइनेंशियल ईयर 2026: एक बदलाव का दौर
Steelco Gujarat ने अपनी सालाना रिपोर्ट जारी कर दी है, जो CIRP के बाद कंपनी के लिए पहला पूरा साल रहा। कंपनी ने 14 जुलाई, 2025 से कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत की। रेवेन्यू में पिछले साल के ₹4.18 करोड़ के मुकाबले जबरदस्त उछाल देखा गया है, जो अब ₹58.53 करोड़ तक पहुंच गया है। हालांकि, नेट लॉस भी पिछले साल के ₹20.54 करोड़ से बढ़कर ₹37.27 करोड़ हो गया है।
घाटे की मुख्य वजह
मुनाफे में कमी की मुख्य वजह कंपनी को फिर से शुरू करने में आया खर्च है। इसमें फाइनेंस कॉस्ट, एम्प्लॉई बेनिफिट्स और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च शामिल हैं, जो कंपनी के बॉटम लाइन पर दबाव बना रहे हैं। अब कंपनी का भविष्य इस बात पर टिका है कि वे कितनी तेजी से अपनी कैपेसिटी को बढ़ा पाते हैं और मार्जिन में सुधार करते हैं।
फंडरेजिंग और गवर्नेंस
बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कंपनी ने बड़े कदम उठाए हैं:
- डेट फाइनेंसिंग: जनवरी 2026 में, कंपनी ने India Resurgence Asset Management Business Pvt. Ltd. को ₹160 करोड़ के NCDs जारी किए।
- इक्विटी: जून 2026 में, ₹112 प्रति शेयर के भाव पर राइट्स इश्यू पूरा किया गया।
- बोर्ड में बदलाव: श्री सुदीप सक्सेना को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है और M/s T R Chadha & Co. LLP को नया ऑडिटर चुना गया है।
निवेश से पहले रिस्क
Brickwork Ratings ने कंपनी के NCDs को BWR B+ / Negative रेटिंग दी है। यह रेटिंग कंपनी के सामने मौजूद वित्तीय चुनौतियों को दर्शाती है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के डेट रीपेमेंट और ऑपरेशनल ग्रोथ की बारीकी से निगरानी रखें।
