Steel Exchange India ने Q2 FY27 में अब तक का सबसे ज्यादा **69,617 MT** री-बार (Re-Bar) उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। नई भट्टी से क्षमता में **27%** की बढ़त के साथ कंपनी ने **₹102 करोड़** का कर्ज चुकाकर अपनी बैलेंस शीट भी मजबूत की है।
उत्पादन में जोरदार उछाल और कर्ज की कटौती
कंपनी ने सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के दौरान जबरदस्त प्रदर्शन किया है। नई री-हीटिंग फर्नेस (Reheating Furnace) के संचालन के बाद, कंपनी की उत्पादन क्षमता में करीब 27% का इजाफा हुआ है। इस ऑपरेशनल एफिशिएंसी का सीधा असर कंपनी की आउटपुट पर दिख रहा है।
अपनी माली हालत सुधारने की दिशा में Steel Exchange India ने बड़ा कदम उठाया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही (H1) में कंपनी ने ₹102 करोड़ का कर्ज कम किया है। इसका असर क्रेडिट रेटिंग पर भी दिखा है, जिसे Infomerics ने 'IVR BBB+/Stable' तक अपग्रेड कर दिया है।
नई उम्मीदें और बड़े प्रोजेक्ट्स
कंपनी के लिए आने वाला समय डिमांड के लिहाज से काफी अच्छा दिख रहा है। अमरवती कैपिटल सिटी प्रोजेक्ट (जिसका बजट ₹65,000 करोड़ है) के लिए कंपनी को अपने 'SIMHADRI TMT' की सप्लाई का अप्रूवल मिल गया है। साथ ही, NMDC Limited के साथ 4 साल का नया MoU साइन हुआ है, जिससे विशाखापत्तनम में कंपनी के ऑपरेशंस को कच्चा माल (Iron Ore Fines) मिलने में काफी आसानी होगी।
आगे की राह (Outlook)
कंपनी अब सरकार की PLI स्कीम के तहत 'ग्रीन स्टील' और स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स की तरफ तेजी से बढ़ रही है। जहां कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ 45% (YoY) के स्तर पर है, वहीं निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि कच्चा माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कर्ज चुकाने की रफ्तार कैसे बनी रहती है।
