Steel Exchange India Ltd (SEIL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹26.99 करोड़** रहा, जो पिछले साल के **₹25.93 करोड़** से **5%** ज्यादा है। यह तब हुआ जब कंपनी की कुल इनकम **₹1,066.42 करोड़** से घटकर **₹1,163.38 करोड़** रह गई।
क्यों हुआ मुनाफा, जब इनकम घटी?
SEIL की इस बार की परफॉरमेंस में खास बात ये है कि रेवेन्यू कम होने के बावजूद कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। इसकी मुख्य वजह EBITDA मार्जिन में आई 13.16% (FY26) से 12.31% (FY25) तक की बढ़त और फाइनेंसियल कॉस्ट में 6.8% की कमी है, जो अब ₹69.46 करोड़ पर आ गई है। इन कॉस्ट एफिशिएंसी (Cost Efficiency) की वजह से कंपनी के बॉटम लाइन (Bottom Line) पर अच्छा असर देखने को मिला।
कंपनी की पिछली चाल
फाइनेंशियल ईयर 2025 में, SEIL ने ₹1,163.38 करोड़ की कुल इनकम पर ₹25.93 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। कंपनी अपनी ऑपरेशनल कैपेसिटी (Operational Capacity) और फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health) को मजबूत करने के लिए लगातार स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स (Strategic Initiatives) पर काम कर रही है।
अब आगे क्या?
SEIL ने इक्विटी वारंट्स (Equity Warrants) के प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए ₹341.57 करोड़ जुटाए हैं। इस पैसे का इस्तेमाल डेट रीपेमेंट (Debt Repayment), कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी एक नया री-हीटिंग फर्नेस (Re-heating Furnace) लगा रही है और एक लॉजिस्टिक्स सब्सिडियरी (Logistics Subsidiary) भी स्थापित की है।
किन बातों का ध्यान रखें?
कंपनी का परफॉरमेंस रॉ मैटेरियल की कीमतों (Raw Material Costs) और इकोनॉमिक फैक्टर्स (Economic Factors) पर निर्भर करता है। बॉबिली (Bobbili) में एक प्रॉपर्टी को लेकर चल रहा केस (Land Litigation), जिसकी कैरिंग वैल्यू ₹4.58 करोड़ है, वह भी एक महत्वपूर्ण पॉइंट है जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक अब Q2 FY27 में नए री-हीटिंग फर्नेस के शुरू होने और प्रॉपर्टी लिटिगेशन (Property Litigation) के नतीजे का इंतजार करेंगे।
