Steel Authority of India (SAIL) ने छमाही नतीजों में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **207%** बढ़कर **₹3,410 करोड़** हो गया है, जबकि सेल्स टर्नओवर **10.5%** की बढ़त के साथ **₹57,776 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे की रफ्तार और मार्जिन में सुधार
SAIL ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही के लिए बेहद मजबूत नतीजे पेश किए हैं। पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,112 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹3,410 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 15.43% के स्तर पर आ गया है।
इस ग्रोथ की असली वजह क्या है?
इस शानदार रिकवरी के पीछे कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) का बड़ा हाथ है। कंपनी के फाइनेंस कॉस्ट में भी कटौती हुई है, जो ₹1,079 करोड़ से घटकर ₹1,016 करोड़ पर आ गई है। भारत में स्टील की खपत में 8% की बढ़ोतरी ने भी कंपनी के सेल्स वॉल्यूम को 9.180 MT तक पहुंचाने में मदद की है।
कर्ज और वित्तीय सेहत
सितंबर 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज ₹31,464 करोड़ रहा। हालांकि, 0.52 का डेट-टू-इक्विटी रेशियो और 4.89 का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो यह बताता है कि कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को पहले से ज्यादा मजबूत कर रही है।
आगे क्या ध्यान रखें?
निवेशकों को कच्चे माल, जैसे कि कोकिंग कोल (Coking Coal) और आयरन ओर (Iron Ore) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी, क्योंकि इनका असर सीधे कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ता है। फिलहाल SAIL का प्रदर्शन पूरी तरह से भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर पर टिका है, जो स्टील सेक्टर के लिए सबसे बड़े ग्रोथ ड्राइवर हैं।
