India Ratings and Research ने Steel Authority of India (SAIL) की क्रेडिट रेटिंग को बढ़ाकर IND AA+/Stable कर दिया है। कंपनी के बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और कर्ज में आई भारी गिरावट के चलते यह अपग्रेड मिला है।
रेटिंग में उछाल की मुख्य वजह
India Ratings and Research (Ind-Ra) ने SAIL की साख पर भरोसा जताया है। कंपनी ने अपने नेट एडजस्टेड डेट/EBITDA लेवरेज को वित्त वर्ष FY26 में 2.97x तक नीचे लाने में कामयाबी हासिल की है, जो पिछले साल 3.89x था। साथ ही, कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल भी 114 दिनों से घटकर 76 दिनों पर आ गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के प्रदर्शन में ठोस सुधार दिखा है:
- कुल रेवेन्यू में 8% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,108 अरब तक पहुंच गया।
- एब्सोल्यूट EBITDA में 13% का इजाफा हुआ, जो ₹120 अरब दर्ज किया गया।
यह सुधार ब्लास्ट फर्नेस की उत्पादकता और बेहतर कोकिंग कोल दक्षता जैसे स्ट्रक्चरल बदलावों के कारण संभव हुआ है।
भविष्य की बड़ी चुनौती: ₹1,000 अरब का निवेश
SAIL ने FY27 से FY31 के बीच अपनी उत्पादन क्षमता को 35 MTPA तक ले जाने के लिए ₹1,000 अरब के बड़े कैपेक्स (Capex) प्लान का ऐलान किया है। रेटिंग एजेंसी ने आगाह किया है कि इस निवेश का 55%-65% हिस्सा कर्ज के जरिए जुटाया जाएगा। इसके कारण भविष्य में कंपनी का नेट लेवरेज वापस 3.5x से 4.0x के दायरे में जा सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब 'तसरा' (Tasra) और 'रौघाट' (Rowghat) खदानों के ऑपरेशनल होने की टाइमलाइन पर नजर रखनी होगी। साथ ही, कोकिंग कोल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते कर्ज के बीच कंपनी अपनी ऑपरेशनल दक्षता को कैसे बनाए रखती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
