Steel Authority of India (SAIL) ने FY26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **51%** बढ़कर **₹3,233.48 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **8%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुनाफे की रफ्तार और कर्ज में कमी
कंपनी के प्रदर्शन में सबसे बड़ा बदलाव कर्ज कम करने की दिशा में आया है। SAIL ने अपने कुल कर्ज में ₹5,012 करोड़ की भारी कटौती की है, जिससे उनका डेट-टू-इक्विटी रेशियो सुधरकर 0.55:1 हो गया है। कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में 19.43 MT क्रूड स्टील और 19.18 MT सेल्यबल स्टील का रिकॉर्ड प्रोडक्शन हासिल किया है।
डिविडेंड और फ्यूचर रोडमैप
शानदार प्रदर्शन के इनाम के तौर पर बोर्ड ने प्रति शेयर ₹2.35 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। कंपनी अब FY 2030-31 तक 35 MTPA की कुल प्रोडक्शन क्षमता हासिल करने के अपने बड़े लक्ष्य पर काम कर रही है। साथ ही, इंडोनेशियन कंपनी PT Krakatau Steel के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए कंपनी अपनी पैठ मजबूत करने की तैयारी में है।
ध्यान देने वाली चुनौतियां
अच्छी खबरों के बीच कुछ रिस्क भी बने हुए हैं। सारंडा फॉरेस्ट रीजन में माइनिंग लीज और Chiria व Gua माइंस से जुड़े नोटिस अभी भी कंपनी के लिए चुनौती बने हुए हैं। इसके अलावा, SEBI के नियमों के मुताबिक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्तियों में आ रही दिक्कतों को दूर करना भी कंपनी की प्राथमिकता में है।
