Steamhouse India के लिए फाइनेंशियल ईयर **27** की पहली तिमाही बेहद दमदार रही है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **80.25%** उछलकर **₹18.34 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे मुख्य वजह कम मार्जिन वाले कोल ट्रेडिंग बिजनेस से बाहर निकलना है।
मुनाफे में जोरदार उछाल
कंपनी के शानदार प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेवेन्यू में 13.35% की बढ़त दर्ज की गई और यह ₹128.62 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, EBITDA 60.08% की छलांग लगाकर ₹30.93 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन 702 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 24.05% पर आ गया है।
क्यों बदल रही है कंपनी की तस्वीर?
कंपनी ने अब अपना पूरा फोकस हाई-मार्जिन स्टीम ऑपरेशंस पर शिफ्ट कर दिया है। इसका सीधा असर आंकड़ों में दिख रहा है, जहां स्टीम से आने वाला रेवेन्यू 46.07% बढ़कर ₹123.37 करोड़ हो गया है। बॉयलर यूटिलाइजेशन बेहतर होने और कोयला ट्रेडिंग बंद करने से कंपनी का EBITDA प्रति टन 37% से ज्यादा बढ़कर ₹1,011 हो गया है।
भविष्य की योजनाएं
Steamhouse India अब अपनी क्षमता को 345 TPH (टन प्रति घंटा) से बढ़ाकर 705 TPH करने की तैयारी में है। कंपनी को हिमाचल प्रदेश में ₹311 करोड़ का एक बड़ा EPC प्रोजेक्ट मिला है। इसके अलावा, कंपनी Ankleshwar में नाइट्रोजन जनरेशन यूनिट के साथ इंडस्ट्रियल गैस सेक्टर में भी कदम रख चुकी है।
निवेश के जोखिम और चुनौतियां
मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि मानसून की वजह से दूसरी तिमाही में कामकाज पर थोड़ा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, एक साथ चल रहे चार बड़े प्रोजेक्ट्स और हिमाचल वाले मेगा प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। निवेशक कंपनी के वर्किंग कैपिटल साइकिल और Sanjoo Dyeing & Printing Mills के साथ चल रहे लेनदेन पर भी नज़र रखें।
