Star Cement के लिए Q1 FY27 की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल **25%** घटकर **₹74 करोड़** पर आ गया है, जबकि सेल वॉल्यूम में **4%** की बढ़त दर्ज की गई है।
नतीजों का हाल
कंपनी के लिए यह तिमाही ऑपरेशनल मोर्चे पर काफी कठिन रही है। जहां एक तरफ रेवेन्यू 3% बढ़कर ₹943 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी तिमाही के ₹98 करोड़ से गिरकर ₹74 करोड़ रह गया है। कंपनी का EBITDA भी 12% की गिरावट के साथ ₹203 करोड़ दर्ज किया गया है।
क्यों दबाव में है कंपनी?
मैनेजमेंट ने बताया कि पूर्वोत्तर (Northeast) में सप्लाई चेन से जुड़ी बाधाएं और रेलवे रूट पर पाबंदियों ने लॉजिस्टिक्स की लागत को बढ़ा दिया है। पश्चिम बंगाल और असम में चुनाव के दौरान सरकारी फंड मिलने में देरी और मांग में सुस्ती का सीधा असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ा है। हालांकि, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बिक्री में हिस्सेदारी बढ़कर 15.9% हो गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
भविष्य की बड़ी तैयारी
ऑपरेशन्स की चुनौतियों के बीच कंपनी का पूरा फोकस अब नॉर्थ इंडिया में एक्सपेंशन पर है। Star Cement ने राजस्थान के निम्बोल और हरियाणा के झज्जर में नए यूनिट्स के लिए ₹3,080 करोड़ के निवेश का एलान किया है। कंपनी का लक्ष्य FY29 तक अपनी कुल उत्पादन क्षमता को 1.5 गुना तक ले जाना है। कंपनी इसे इंटरनल एक्रूड और कर्ज के जरिए फंड करेगी, लेकिन कोशिश यही है कि नेट डेट/EBITDA का रेश्यो 2x से नीचे बना रहे।
