Srigee DLM ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹72.31 करोड़ का रेवेन्यू और ₹6.87 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी अब ग्रेटर नोएडा में ₹50 करोड़ के निवेश से नई इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगा रही है, जिससे FY27 तक ₹100 करोड़ से ज़्यादा रेवेन्यू का लक्ष्य है।
Srigee DLM की दमदार ग्रोथ की ओर राह
Srigee DLM ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन बेस पर ₹72.31 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस और ₹6.87 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। वहीं, FY26 की दूसरी छमाही में कंपनी ने ₹54.34 करोड़ की कुल इनकम पर ₹5.53 करोड़ का PAT कमाया है।
क्यों है यह खबर अहम?
कंपनी अपनी प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग से हटकर एक इंटीग्रेटेड ओरिजिनल डिज़ाइन मैन्युफैक्चरर (ODM) पार्टनर बनने की ओर बढ़ रही है। इस स्ट्रेटेजी के तहत, कंपनी इन-हाउस टूल रूम मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल फोन असेंबली और अपने 'Polymos' ब्रांड के तहत पॉलीमर कंपाउंडिंग में वर्टिकल इंटीग्रेशन कर रही है। इस इंटीग्रेशन का मकसद थर्ड-पार्टी सप्लायर्स पर निर्भरता कम करके ज़्यादा मार्जिन हासिल करना है। फिलहाल, ODM सेगमेंट कंपनी के रेवेन्यू का करीब 76% है।
बैकग्राउंड स्टोरी
Srigee DLM अपनी मौजूदा फैसिलिटीज में पहले से ही 100% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पर काम कर रही है। इस बाधा को दूर करने और ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सपोर्ट करने के लिए, कंपनी अपनी ऑपरेशंस को एक नई, बड़ी फैसिलिटी में कंसोलिडेट कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
Srigee DLM ग्रेटर नोएडा में 10,850 स्क्वायर मीटर की नई फैसिलिटी में करीब ₹50 करोड़ का निवेश कर रही है। इस विस्तार के लिए फंड IPO इक्विटी से ₹17 करोड़, बैंक डेट और छोटी मौजूदा यूनिट्स की बिक्री से आएगा। नई फैसिलिटी में कमर्शियल प्रोडक्शन 15 अगस्त से दिवाली 2026 के बीच शुरू होने की उम्मीद है। इस नए प्लांट से ₹350 करोड़ से ज़्यादा के पीक रेवेन्यू की संभावना है।
ध्यान रखने योग्य रिस्क
निवेशकों को नई ग्रेटर नोएडा फैसिलिटी के समय पर पूरा होने और चालू होने की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए, क्योंकि यह कंपनी के FY27 ( ₹100 करोड़ से ज़्यादा) और FY28 ( ₹200-250 करोड़ ) के महत्वाकांक्षी रेवेन्यू टारगेट को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है। मौजूदा कैपेसिटी की कमी शॉर्ट-टर्म ग्रोथ को सीमित कर सकती है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को नई फैसिलिटी के निर्माण की प्रगति और कंपनी की नए ODM कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की क्षमता पर करीब से नज़र रखनी चाहिए। कस्टमर बेस का डाइवर्सिफिकेशन, जिसमें टॉप 10 कस्टमर्स का रेवेन्यू शेयर 95% से घटकर 91% हो गया है, भी सस्टेन्ड ग्रोथ का एक प्रमुख संकेतक होगा।
